गांव का ये लड़का बना द ग्रेट खली का शागिर्द, जल्द ही लड़ेगा WWE की फाइट

फतेहाबाद (हरियाणा).गांव हिजरावांकलां के बलजीत रेसलर दी ग्रेट खली का शागिर्द बना है। वह खली से रेसलिंग के गुर सीख रहा है। करीब दो महीने की अपने ट्रेनिंग में बलजीत ने ग्रेट खली काे काफी आकर्षित किया है। इतना ही नहीं बलजीत ने जालंधर में हुई रेसलिंग चैंपियनशिप में अपना लोहा भी मनवाया है। जल्द ही वह डब्ल्यू डब्ल्यू ई में कंटेस्टेंट बनेगा। खली ने बलजीत का रिंग नेम माईटी किंग रखा है। वह इसी नाम से रेसलिंग चैंपियनशिप में भाग लेगा।जानें कौन है ये बलजीत उर्फ माइटी किंग...
- बलजीत की स्कूली शिक्षा हरियाणा के फतेहाबाद जिले के सीनियर मॉडल स्कूल में हुई। उसके बाद उसने एमएम पीजी कॉलेज से बीए की।
- बलजीत के पिता हरजीत सिंह किसान है। मां रिछपाल कौर हाउस वाइफ हैं।
- पढ़ाई के बाद बलजीत ने अपना निजी कंप्यूटर सेंटर भी चलाया, लेकिन मन में रेसलिंग करने का जोश था, इसलिए कंप्यूटर पर उंगलियां चलाने से मन को संतुष्टि नहीं हुई।
- कुछ समय तक कंप्यूटर सेंटर चलाया, उसे बंद कर दिया। इसके बाद पूरा ध्यान रेसलिंग पर लगाया।
प्रो-रेसलिंग का चाव कई सालों से
- बलजीत ने बताया कि प्रो-रेसलिंग को लेकर शुरू से मन में चाव रहा है, उसमें भाग लेने का सपना संजोया हुए रहा।
- खली को देखा तो यह जोश और भी बढ़ गया। तब से मन में ठानी कि रेसलिंग सीखेंगे तो खली से।
- इस बीच पता चला कि उन्होंने जालंधर में अपनी अकेडमी खोली है तो वहां जाकर उनसे मुलाकात की व उनका शागिर्द बन गया।
- पांच महीने से उनके साथ हूं, उनसे कई गुर सीखे हैं, अब इतना ट्रेंड हो चुका हैं कि रिंग में पूरे आत्म विश्वास के साथ उतर सकता हूं।
- शुरूआत में परिवार वालों की ओर से भी रेसलिंग में जाने से रोका गया। चोट आदि लगाने का भय बना रहता है उन्हें।
- आर्थिक मदद नहीं मिल पाई, चूंकि रेसलिंग सीखने के लिए कुछ पैसा चाहिए था, इसलिए कंप्यूटर सेंटर खोला, कुछ पैसा इकट्ठा, यहां मन वैसे भी नहीं चल रहा था।
- बलजीत का कहना है कि अब खुश हूं कि अपने इरादों को पूरा करने के रास्ते पर चल पड़ा हूं।

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