शपथ लेते वक्त बादल वाली गलती कर गए कैप्टन,भुगतना पड़ेगा खामियाजा

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जालंधरः कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने अाज पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की जिसके बाद वे दूसरी वार राज्य के मुख्यमंत्री बने। शपथ लेते समय कैप्टन ने वही गलती कर दी जो 5 वर्ष पहले  पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने की थी। कैप्टन ने गुरूवार प्रातःकाल 10.20 बजे  चण्डीगढ़ में  शपथ ग्रहण की। उस समय चंद्रमा राहु के स्वाती नक्षत्र  से गुज़र रहा था। इस नक्षत्र को काम की शुरूआत के लिए शुभ नहीं माना जाता। ज्योतिष में तो राहु  काल की व्यवस्था है और रोज़मर्रा की राहु काल के समय काम की शुरूआत के लिए मना किया जाता है परन्तु कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने राहु के नक्षत्र में शपथ ग्रहण की है। 14 मार्च 2012 को प्रकाश सिंह बादल ने प्रातःकाल 11 बजे के करीब केतू  नक्षत्र में शपथ ग्रहण की थी, उस समय गंढमूल के इस नक्षत्र में शपथ लिए जाने के बाद 6 महीनों अंदर बीबी जगीर कौर को इस्तीफ़ा देना पड़ा था और उस समय के शिक्षा मंत्री सिकन्दर सिंह मलूका किताब घोटाले में फंसने के बाद अपनी गद्दी से हाथ धो बैठे थे।जालंधर के मशहूर पंडित रजिन्दर बिट्टू का कहना है कि कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने जिस समय शपथ ली है, उस समय स्वाती नक्षत्र अपने दूसरे चरण में चल रहा था और शुभ फल देने वाले दोनों ग्रह गुरू और शुक्र अलग व्यवस्था में थे। इसके साथ ही लगन का मालिक बुद्ध अस्त हुआ पड़ा है। कैप्टन ने जिस समय पर शपथ ली है, उस समय पर चंद्रमा छठे घर में है, लिहाज़ा कैप्टन को गंभीर बीमारी का सामना करना पड़ेगा। इसके अलावा राहु के नक्षत्र में  शपथ लेने के साथ विरोधी कैप्टन पर हावी होने की कोशिश करेंगे और कैप्टन को पार्टी के अंदर से ही बड़ी चुनौती मिलेगी।

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