50 दिनों की ऊहापोह के बाद हरियाणा में राहत की उम्मीद, इन मांगो पर बनी सहमति

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पानीपत. जाट आरक्षण संघर्ष समिति और हरियाणा सरकार में गतिरोध आखिरकार खत्म हो गया है। दिल्ली में रविवार को दो केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में सीएम मनोहर लाल के साथ ठीक वैसा ही समझौता हुआ है, जैसा कि 16 मार्च को पानीपत में मंत्रियों की कमेटी तथा जाट प्रतिनिधियों में सहमति बनी थी। दोनों पक्षों ने दिल्ली के हरियाणा भवन में दोपहर बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करके समझौते की घोषणा की।
इसमें केंद्रीय इस्पात मंत्री बीरेंद्र सिंह, कानून राज्यमंत्री पीपी चौधरी भी मौजूद थे। खट्‌टर ने बताया कि सरकार ने मांगें मानी ली हैं। उन्होंने उन्हीं मांगों पर सहमति फिर दोहराई, जो दो दिन पहले दिल्ली में शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा और चंडीगढ़ में खुद सीएम अपनी-अपनी प्रेस वार्ता में बता चुके थे। इसके बाद संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक ने बताया कि दिल्ली कूच रद्द कर दिया गया है। 26 मार्च तक धरने खत्म होंगे।
हालांकि कुछ धरने सांकेतिक रूप से जारी रहेंगे। पानीपत में तीसरे दौर की बातचीत के लिए शिक्षामंत्री मंत्रियों की कमेटी के अध्यक्ष बनाए गए थे। तब भी दावा किया गया था कि सहमति बन गई है। अगले दिन 17 मार्च को दिल्ली में मलिक गुट और सरकार की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस होनी थी, लेकिन उससे पहले सीएम से मिलाने पर गतिरोध बन गया था। उस दिन डेढ़ घंटे के भीतर दिल्ली में रामबिलास शर्मा, रोहतक में मलिक और चंडीगढ़ में सीएम ने मीडिया को संबोधित किया था। सरकार की ओर से पत्रकारों को समझौता पत्र भी दिखाया गया, जबकि मलिक ने कहा कि सहमति बनी ही नहीं थी। उन्होंने शिक्षामंत्री को झूठा बताया। कहा कि सहमति तो दिल्ली में सीएम से बात के बाद बननी थी। दिलचस्प है, अब जब रविवार को दोनों पक्ष प्रेस वार्ता के लिए बैठे तो रामबिलास शामिल नहीं थे। दो दिनों में घटनाक्रम तेजी से बदले। हरियाणा को 24 घंटे तनाव से गुजरना पड़ा, लेकिन राहत की बात है कि सहमति बन गई। प्रदेश में 29 जनवरी से धरने जारी थे।
सरकार ने ये मांगें मानीं:राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग से सर्वे कराने की नई बात शामिल
-केंद्र में आरक्षण के लिए राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग सर्वे कराएगा, आयोग में कुछ नियुक्तियों के बाद केंद्र सरकार इस विषय पर जल्द कदम उठाएगी।
-वर्ष 2010 से 2017 तक के दौरान हुए आंदोलनों के दौरान दर्ज हुए मुकदमों की समीक्षा के लिए कमेटी बनाई जाएगी।
-मृतकों के आश्रितों, अपंगों को पक्की सरकारी नौकरी की प्रक्रिया जल्द।
-घायलों के लिए मुआवजा पहले ही घोषित, कई को दिया भी जा चुका है, जो बाकी रह गए हैं, उनको जल्द से जल्द मुआवजा दे दिया जाएगा।
-हिंसक घटनाओं में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का निर्णय आने पर आरक्षण को 9वीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए केंद्र से सिफारिश की जाएगी।
संघर्ष समिति के ये ऐलान
1. 20 मार्च को दिल्ली कूच रद्द।
2. हरियाणा में धरने 5-6 दिन में खत्म होंगे।
3. सरकार से अब कोई टकराव नहीं, हरियाणा और केंद्र सरकार में भरोसा है।
4. मंत्रियों व अधिकारियों के साथ चर्चा व समाधान प्रक्रिया में शामिल होंगे
... और सुलह का असर दिखने लगा
इन जिलों में इंटरनेट बहाल : हिसार, कैथल भिवानी, रोहतक, झज्जर, चरखी दादरी
दिल्ली में अभी कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था बनी रहेगी, एनसीआर में मेट्रो बहाल रहेगी।

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