जाट आरक्षण आंदोलन: सरकार और जाटों के बीच वार्ता सफल, कल नहीं होगा दिल्ली में धरना

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आखिरकार आंदोलनकारी जाटों और हरियाणा की खट्टर सरकार के बीच चल रही वार्ता सफल हो ही गई। अब दिल्ली में धरना नहीं दिया जाएगा। इसकी पुष्टि प्रवक्ता रोहताश हुड्डा ने की।
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में जाटों और सरकार के बीच सहमति बन गई है। अब दिल्ली में विरोध प्रदर्शन नहीं किया जाएगा, लेकिन जाट आंदोलन जारी रखेंगे। बातचीत दिल्ली के हरियाणा भवन में चल रही थी।
केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह और केंद्रीय न्‍याय एवं कानून राज्‍यमंत्री पीपी चौधरी भी मौजूद थे। इससे पहले सवेरे सीएम खट्टर ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण समारोह में जाने का कार्यक्रम रद करते हुए जाटों को बातचीत करने के लिए बुलाया था।
यशपाल मलिक ने भी प्रस्ताव स्वीकार करके वार्ता की पुष्टि कर दी थी।
शुक्रवार को रद्द हो गई थी बातचीत
बीस मार्च के दिल्ली कूच पर जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार को चेताया
बता दें कि इससे पहले शुक्रवार को मुख्‍यमंत्री के साथ वार्ता रद हो जाने के बाद जाट आंदोलनकारियों और सरकार के बीच गतिरोध पैदा हो गया था। जाट नेता दिल्‍ली में हरियाणा भवन में बातचीत के लिए इंतजार करते रहे और मुख्‍यमंत्री चंडीगढ़ पहुंच गए थे।
उस समय सीएम ने कहा था कि उन्‍हें तो इस तरह की किसी वार्ता के बारे में कोई जानकारी नइससे जाटों में आक्रोश पैदा हो गया और उन्‍होंने दिल्‍ली कूच की तैयारियां तेज कर दी। जाट नेता यशपाल मलिक ने सीएम पर वार्ता से पीछे हटने का आरोप लगाया। तबसे जाट दिल्‍ली कूच करने की तैयारी में हैं। उन्होंने 20 मार्च को संसद का घेराव करने का एलान कर रखा है।
वहीं गृह मंत्रालय ने दोनों राज्यों को जाटों को रोकने निर्देश दे दिए थे। इसके चलते दिल्ली बॉर्डर सील कर दिया गया है। हरियाणा में भी हाईअलर्ट जारी कर दिया गया। कई जिलों में इंटरनेट बैन कर दिया गया। धारा 144 लगा दी गई। सेना ने मोर्चा संभाला हुआ था।

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