सैन्यवर्दी पहनने की है ललक तो जल्द कीजिए आवेदन

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देहरादून : संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज एग्जामिनेशन (सीडीएस-1) की अधिसूचना जारी कर दी है। आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी करनी होगी। उम्मीदवार चार दिसंबर की शाम छह बजे तक आवेदन कर सकते हैं। इस परीक्षा के माध्यम से 414 पद भरे जाएंगे। 

बता दें कि उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के माध्यम से होगा। जिन पदों पर भर्ती होनी है इनमें इंडियन मिलिट्री ऐकेडमी में 100, इंडियन नेवल ऐकेडमी में 45 और एयर फोर्स ऐकेडमी में 32 पद हैं।
वहीं, महिलाओं के लिए भी रिक्तियां निकाली गई हैं। ऑफिसर्स ट्रेनिंग ऐकेडमी, चेन्नई में 12 एसएससी महिला (नॉन टेक्निकल) पदों पर भर्ती होनी है। ऑफिसर्स ट्रेनिंग ऐकेडमी में पुरुष आवेदकों के लिए 225 पद हैं।
आवेदन करने वाले प्रतिभागियों सुविधा सेंटर की सुविधा दी गई हैं। इसके लिए फोन नंबर भी जारी किये गए हैं। अभ्यर्थी 011-23385271, 011-23381125 और 011-23098543 पर फोन कर जानकारियां जुटा सकते हैं। परीक्षा में मोबाइल से लेकर किसी भी तरह का इलेक्ट्रॉनिक आइटम प्रतिबंधित रहेगा। 

भर्ती की तैयारी को बनेंगे दो केंद्र
उत्तराखंड के युवाओं को सेना व अर्द्धसैनिक बलों में भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिए सेना दो प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करेगी। एक केंद्र गढ़वाल व दूसरा कुमाऊं मंडल में खोला जाएगा। सेना ने दूसरे चरण में 11 वीं व 12 वीं के लिए राज्य में स्थायी मिलेट्री व सैनिक स्कूल खोलने पर विचार करने की भी बात कही है। 

मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से बंगलौर सलेक्शन सेंटर के कमांडेंट मेजर जनरल वीपीएस भाकुनी ने मुलाकात की। बैठक में तय किया गया कि पहले चरण में गढ़वाल व कुमाऊं में प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इसके लिए ऐसे स्कूल व कॉलेज भवनों का चयन किया जाएगा, जहां पर्याप्त अवस्थापना सुविधाएं हों। 
ये कार्यशालाएं दो से तीन सप्ताह तक होंगी, जहां युवाओं को नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) और कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (सीडीएस) की चयन प्रक्रिया के अनुसार ही व्यक्तित्व विकास, साक्षात्कार एवं अन्य शारीरिक परीक्षणों के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। 

सैनिक कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग से समन्वय कर प्रशिक्षण कार्यशालाओं के लिए स्थायी केंद्र के रूप में स्कूल या कॉलेज भवन चयनित करेंगे जहां नियमित पठन-पाठन के साथ ही कार्यशालाओं का आयोजन किया जा सके। 
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में सेना में जाने की स्वाभाविक प्रवृति होती है। युवाओं को आवश्यक जानकारी देकर इनका सेना में अधिकारी पदों पर प्रतिशत बढ़ाया जा सकता है। ये कार्यशालाएं न केवल सैन्य सेवाओं के लिए बल्कि अन्य सरकारी सेवाओं के साथ विभिन्न क्षेत्रों के लिए भी सहायक साबित होंगी। 
इससे पूर्व एक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मेजर जनरल वीपीएस भाकुनी ने बताया कि मौजूदा समय में एनडीए और सीडीएस परीक्षाओं की सफलता दर आइएएस परीक्षाओं से भी कम है। इसका एक कारण भर्ती के लिए समग्र व्यक्तित्व परीक्षण के कड़े मानक होना है। इसे देखते हुए राज्य के युवाओं का अधिकारी पद पर चयन प्रतिशत बढ़ाने के लिए पहले से तैयार कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पर्याप्त संसाधन उपलब्ध होने पर प्रतिवर्ष दस हजार युवाओं को प्रशिक्षित किया जा सकता है। 

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