C M रूपाणी के शपथ के दौरान मंच पर नहीं दिखे शिवराज, क्या हुआ जो शपथ ग्रहण से पहले लौट आए

पिछले कई दिनों से चर्चा है कि बीजेपी मध्य प्रदेश में शीर्ष नेतृत्व में बड़ा फेरबदल कर सकती है. इन खबरों ने आज फिर तूल पकड़ लिया जब मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान गुजरात में विजय रूपाणी के शपथ ग्रहण से पहले ही लौट आए. ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि शिवराज इस बदलाव के पक्ष में नहीं हैं और शपथ ग्रहण समारोह से पहले ऐसा कुछ हुआ जिससे नाराज होकर शिवराज मध्य प्रदेश लौट आए.

बता दें, शिवराज सिंह मंगलवार को शपथ ग्रहण में शामिल होने राजकीय विमान से गुजरात पहुंचे. शि‍वराज कार्यक्रम स्थल भी गए और वहां विजय रूपाणी से मुलाकात कर उन्हें गुलदस्ता भेंट किया, लेकिन वो शपथ ग्रहण तक नहीं रुके और मध्य प्रदेश लौट गए. चौहान गुजरात से मध्य प्रदेश के गूना पहुंचे. यहां जब पत्रकारों ने उनसे शपथ ग्रहण में शामिल न होने पर सवाल किया तो उन्होंने कहा, 'मेरे 2 महत्वपूर्ण कार्यक्रम थे. एक कोलारस और दूसरा मुंगावली में, इसलिए मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से अनुमति लेकर वापस लौट आया.' गौरतलब है कि मुंगावली और कोलारस विधानसभा में उपचुनाव होने हैं. उपचुनाव को जीतने के लिए शिवराज पूरी मेहनत कर रहे हैं. क्योंकि अभी हाल ही में चित्रकूट उपचुनाव में कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी.

वहीं, अगर शिवराज सिंह चौहान के आधिकारिक कार्यक्रम को देखा जाए तो उसमें शपथ ग्रहण में शामिल होने की बात कही गई है. चौहान के कार्यक्रम के मुताबिक, उन्हें भोपाल से सुबह 8 बजे राजकीय विमान से अहमदाबाद के लिए निकलना था. जहां से सड़क मार्ग से चौहान गांधीनगर में कार्यक्रम स्थल पहुंचते. यहां वे शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल होते और 12.50 पर मध्य प्रदेश के गूना लिए निकल जाते. सब कुछ शिवराज के तय कार्यक्रम के तहत ही हुआ, बस वो शपथ ग्रहण तक नहीं रुके और पहले ही मध्य प्रदेश लौट आए.

सूत्रों के मुताबिक, चौहान का शपथ ग्रहण से पहले लौट आना ये बताता है कि सब कुछ सही नहीं है. इससे पहले भी वो कई बार अपनी रैलियों में लेट पहुंचे हैं. अगर आज भी लेट हो जाते तो ज्यादा असर न होता. बताया जा रहा है कि सीएम श‍िवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष नंद कुमार सिंह को हटाने की चर्चाओं से नाराज हैं. दरअसल नंद कुमार सिंह पर ऐसे आरोप लगते रहे हैं कि वो संगठन से ज्यादा शिवराज सिंह को लेकर समर्पित रहते हैं. साथ ही मध्य प्रदेश में वो संगठन से ज्यादा शिवराज सिंह के समर्प‍ित लोगों के लिए काम करते रहते हैं.

कई मौकों पर ये भी आरोप लगा है कि नंद कुमार शिवराज के प्रवक्ता के तौर पर हर जगह मौजूद रहते हैं. इस वजह से ऐसी चर्चा है कि मध्य प्रदेश में होने वाले चुनाव से पहले उनकी कुर्सी खतरे में है. बीजेपी का वरिष्ठ आलाकमान उन्हें हटाने का प्लान कर रहा है. इन खबरों की वजह से शिवराज परेशान हैं. जो भी हो शिवराज का कार्यक्रम से यूं चला जाना कई सवाल खड़े कर गया है. साथ ही उनकी नाराजगी की चर्चाएं भी आम हो गई हैं.

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