जवान तेज बहादुर की याचिका पर HC ने गृह मंत्रालय और BSF के DG से मांगा जवाब

सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर बीएसएफ जवानों को खराब खाना परोसने का मुद्दा उठाने वाले जवान तेज बहादुर ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. इसमें उन्होंने बर्खास्तगी के फैसले को चुनौती दी है. सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि ये ब्लंडर है. कोई रोटी मांगे तो क्या उसकी रोटी छीन लेंगे. हाईकोर्ट ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और बीएसएफ के डायरेक्टर जनरल यानि डीजी को नोटिस जारी कर 28 मई तक जवाब मांगा है.

बता दें कि जनवरी 2017 में सोशल मीडिया पर बीएसएफ जवान तेज बहादुर का वीडियो वायरल हुआ था जिसमें तेज बहादुर जवानों को मिलने वाले खाने की घटिया क्वालिटी को दिखा रहे थे और सीनियर अधिकारियों पर भोजन की राशि के नाम पर घपला करने का आरोप लगाया था. वीडियो को लेकर काफी विवाद हुआ. पीएमओ ने गृह मंत्रालय से रिपोर्ट मांगी. यादव 2032 में रिटायर होने वाले थे लेकिन विवाद के बाद वीआरएस लेने की अर्जी दी. कोर्ट में तेज बहादुर के वकील ने कहा कि कि जबरन वीआरएस कैंसिल करने के फैसले पर साइन करवा लिए. 19 अप्रैल को दि समरी सिक्योरिटी फोर्स कोर्ट ने उसे नौकरी से बर्खास्त करने का फैसला सुनाया. इसी फैसले को तेज बहादुर ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है. मामले में अगली सुनवाई 28 मई को होगी. 

Videos
हरियाणा
post-image
हरियाणा

सोशल मीडिया ग्रीवेंसेज ट्रैकर पर आई वीडियो पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने लिया एक्शन,4 ससपेंड

सोशल मीडिया ग्रीवेंसेज ट्रैकर पर आई वीडियो पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने लिया एक्शन,4 ससपेंड
post-image
हरियाणा

हरियाणा के नेता अभय चौटाला बोले कि सरकार पाकिस्तान का पानी रोकने के बजाय एसवाइएल का निर्माण कराए

हरियाणा के नेता अभय चौटाला बोले कि सरकार पाकिस्तान का पानी रोकने के बजाय एसवाइएल का निर्माण कराए
post-image
हरियाणा

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा ने ऐलान किया कि सरकार बनते ही किसान और गरीब का सोसाइटी से लिया गया कर्ज माफ किया जाएगा। साथ ही उन्होंने बुढ़ापा पेंशन तीन हजार रूपये करने की भी घोषणा की

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा ने ऐलान किया कि सरकार बनते ही किसान और गरीब का सोसाइटी से लिया गया कर्ज माफ किया जाएगा। साथ ही उन्होंने बुढ़ापा पेंशन तीन हजार रूपये करने की भी घोषणा की
post-image
हरियाणा

हरियाणा में स्‍कूलों के दाखिले फार्म को लेकर हुआ विवाद, कांग्रेस ने बताया नस्लीय और धार्मिक रूपरेखा वाला करार दिया है

हरियाणा में स्‍कूलों के दाखिले फार्म को लेकर हुआ विवाद, कांग्रेस ने बताया नस्लीय और धार्मिक रूपरेखा वाला करार दिया है