विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के दर्जे पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का बड़ा बयान

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विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के दर्जे पर फंसे पेच को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का बयान आया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के दर्जे के मामले में प्रदेश सरकार गंभीरता से विचार करेगी।  तपोवन में मंगलवार से शुरू हो रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भाग लेने गगल एयरपोर्ट पहुंचे मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से अनौपचारिक वार्ता में कहा कि इस मसले पर नियम के मुताबिक निर्णय लिया जाएगा।  पिछली सरकार द्वारा धर्मशाला को दूसरी राजधानी का दर्जा बरकरार रखने के सवाल पर मुख्यमंत्री जयराम बोले - नई सरकार का यह पहला विधानसभा सत्र है। इसमें स्पीकर का चयन, विधायकों को शपथ दिलाने से लेकर अन्य औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। 

इसके बाद इस मसले पर विचार होगा। जयराम ने कहा - मुझे अभी कोई जल्दबाजी नहीं है। सभी पक्षों से बात करके सरकार निर्णय लेगी। प्रोटेम स्पीकर रमेश ध्वाला द्वारा तपोवन में विस सत्र को फिजूलखर्ची करार देने पर मुख्यमंत्री ने टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि यह एक स्थापित व्यवस्था है और बीते कई सालों से चली आ रही है। एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार सूबे के युवाओं के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। युवा संयम रखें, सरकार उनकी भावनाओं को समझती है। सरकार युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी। जयराम ने कहा कि उनकी सरकार बुजुर्गों के कल्याण के लिए भी कृतसंकल्प है। सरकार ने पहली ही कैबिनेट बैठक में वरिष्ठ नागरिकों के लिए सामाजिक पेंशन की आयु सीमा 80 साल से कम करके 70 साल कर दी है।

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