कहीं भारी ना पड़ जाए स्वस्थ्य कर्मियों का corentine पीरियड खत्म करना ,HMOA

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नवनीत ,हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश मेडिकल ऑफिसर संघ और प्रदेश की रेजिडेंट डॉक्टर संघों के सीईसी की संयुक्त बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। इस बैठक का मुख्य मुद्दा स्वास्थ्य कर्मियों को कोविड वार्ड्स में ड्यूटी करने के पश्चात क्वॉरेंटाइन पीरियड जो कि 14 दिन का होता है नहीं देने बारे विचार विमर्श किया गया। सभी एकमत थे कि स्वास्थ्य कर्मियों को 14 दिन का क्वॉरेंटाइन पीरियड ,कोविड ड्यूटी करने के बाद मिलना ही चाहिए, अन्यथा इससे ना केवल स्वास्थ्य कर्मी के परिवार व दूसरे स्वास्थ्य कर्मियों को संक्रमण फैलने का खतरा होगा, वहीं सबसे बड़ा खतरा “कम्युनिटी स्प्रेड ” का होगा। इसलिए सभी चिकित्सक एकमत थे कि महामारी के संक्रमण को देखते हुए और जनता की भलाई मे क्वॉरेंटाइन पीरियड 14 दिन का जो कोबिड में ड्यूटी करने के बाद आवश्यक है उसको जारी रखा जाना चाहिए क्योंकि पिछले दिनों ही टांडा मेडिकल कॉलेज में एक चिकित्सक क्वॉरेंटाइन पीरियड के दसवें दिन पॉजिटिव आए थे,तो इससे यह स्पष्ट होता है कि चाहे जितनी भी सावधानी बरती जाए लेकिन एक संभावना हमेशा रहती है कि स्वास्थ्य कर्मी इससे संक्रमित हो सकते हैं तो अगर खुदा ना खास्ता चिकित्सक उस समय क्वॉरेंटाइन में नहीं होते तो इन 10 दिनों के दौरान और भी स्वास्थ्य कर्मियों और अन्य रोगियों को संक्रमण हो सकता था।तो सभी चिकित्सकों का एक मत था कि सरकार को क्वॉरेंटाइन पीरियड 14 दिन का स्वास्थ्य कर्मियों को जारी रखना चाहिए ।इसके अलावा संघ ने गुजारिश करी की जो डॉक्टर 31 मार्च को अपना 3 साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं उनको आज दिन तक नियमित नहीं किया गया उसकी वजह से ना केवल उनको वितीय नुकसान हो रहा है बल्कि उनके करियर पर भी एक कुठाराघात हो रहा है, क्योंकि पीजीआई की स्नातकोत्तर परीक्षा आ गई है और उसकी वजह से यह लोग उस परीक्षा में बैठने के योग्य नहीं हो पा रहे हैं। संघ के महासचिव डॉ पुष्पेंद्र वर्मा ने कहा कि इन सब कारणों के कारण प्रदेश के सारे चिकित्सकों में रोष व्याप्त हो रहा है इसलिए सरकार से अनुरोध है कि वह जल्द से जल्द इस पर निर्णय ले और स्वास्थ्य कर्मियों के क्वॉरेंटाइन पीरियड को जारी रखें और साथ में जल्द से जल्द इन चिकित्सकों को नियमित करें।

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