जाहू में हवाई अड्डे को बनाने के लिए कर्नल इन्द्र सिंह के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा मांगपत्र।

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जाहू में हवाई अड्डे को बनाने के लिए कर्नल इन्द्र सिंह के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा मांगपत्र।

सचिन ,मंडी।
बल्ह बचाओ किसान संघर्ष समिति,हिमाचल किसान सभा सरकाघाट कमेटी व हिमाचल प्रदेश ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन मनाली ने संयुक्त रुप से बल्ह में प्रस्तावित हवाई अड्डे के विरोध में व इसे जाहू – डली में बनाने हेतू सरकाघाट के विधायक माननीय कर्नल इन्द्र सिंह के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना मांगपत्र भेजा।

प्रतिनिधिमंडल में बल्ह बचाओ किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष जोगिंदर वालिया, सचिव नंदलाल वर्मा, सदस्य प्रेम चौधरी, चुन्नीलाल, हिमाचल किसान सभा सरकाघाट कमेटी के सचिव मुनीष शर्मा, अध्यक्ष दिनेश काकू, हिमाचल प्रदेश ट्रैवल एजेंट एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष बुद्धि प्रकाश ठाकुर, सलाहकार रितेश सूद, संयुक्त सचिव हीरालाल राणा, हिमाचल प्रदेश इको टूरिज्म प्लानिंग कमेटी के सदस्य अंकित सूद व बालक राम मौजूद थे।

अध्यक्ष जोगिंदर वालिया ने कहा कि बल्ह में प्रस्तावित हवाई अड्डे से न केवल हिमाचल प्रदेश की सबसे उपजाऊ जमीनों में से एक बल्ह घाटी की उपजाऊ जमीन किसानों से छीन जाएगी बल्कि दो हजार परिवारों की 10000 आबादी का विस्थापन होगा। सर्वे के अनुसार बल्ह में मात्र 2150 मीटर की पट्टी बनेगी जिसमें 72 सीटर छोटा विमान ही लैंड कर पाएगा। बड़े विमान के लिए 3150 मीटर पट्टी की जरूरत है जोकि नेरचौक में संभव नहीं है। उसके लिए सुंदरनगर की पहाड़ियों को 500 मीटर तक काटना पड़ेगा।

बल्ह में प्रस्तावित अड्डा बाढ़ संभावित क्षेत्र में आता है और मौसम के हिसाब से भी अनुकूल नहीं है। बल्ह के किसानों को सरकार उन की नकदी फसल देने वाली जमीन का उचित मुआवजा भी देने को तैयार नहीं है और किसान भी बड़ा मुआवजा लेकर भी जमीन छोड़ने के लिए कतई तैयार नहीं है। हिमाचल किसान सभा सरकाघाट कमेटी के सचिव मुनीष शर्मा ने कहा कि इंटरनेशनल हवाई अड्डे के लिए जाहू- डली जगह बिल्कुल उपयुक्त है।

पर्यटन की दृष्टि से यह धर्मशाला, शिमला, सिराज व मनाली को भी फायदा पहुंचाएगा। सामरिक दृष्टिकोण से भी यह देश के रक्षा संबंधित विषयों के लिए मददगार होगा अगर नेरचौक में छोटी पट्टी बनाने के बजाय जाहू में इंटरनेशनल हवाई अड्डा बनाया जाए। हिमाचल किसान सभा सरकाघाट कमेटी ने बल्ह बचाओ किसान संघर्ष समिति के आंदोलन को पूरा समर्थन दिया है।

हिमाचल प्रदेश ट्रैवल एजेंट एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष बुद्धि प्रकाश ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में छोटी हवाई पट्टियां पहले से ही मौजूद हैं। पर्यटन की दृष्टि से हिमाचल प्रदेश को इंटरनेशनल हवाई अड्डे की जरूरत है। उन्होंने कहा कि छोटे विमान में हवाई यात्रा महंगी होती है व बड़े विमान में सफर करना कब महंगा होता है।

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