दो दिवसीय दौरे पर राजीव शुक्ला कल पहुंचेंगे शिमला, निगाहें के वी एम और टीम पर।

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नवनीत बत्ता,ब्यूरो ।। हाल ही का लोकसभा चुनाव आपको याद होगा और उस समय कांग्रेस के भीतर एक जुमला बहुत प्रसिद्ध रहा जिसका नाम था के बी एम मतलब कुलदीप वीरभद्र और मुकेश की तिकड़ी और जब नतीजे निकले तो पूरे देश की तरह हिमाचल में भी कांग्रेस पूरी तरह धराशाई हुई ।कुलदीप राठौर प्रदेश अध्यक्ष वीरभद्र सिंह चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष और मुकेश नेता विपक्ष यह वह चेहरे थे जिन्होंने उस समय चुनाव की पूरी कमान और जिम्मेदारी अपने ऊपर ली हुई थी।

हिमाचल प्रदेश के नए प्रभारी राजीव शुक्ला 2 दिन के दौरे पर प्रदेश में आ रहे हैं और एक बार फिर निगाहें इस बात पर ही टिकी रहेंगी की इन तीन बड़े नेताओं के अलावा भी कोई चौथा नेता अपना प्रभाव शुक्ला के इस दौरे में जता पाएगा या नहीं। पूर्व में प्रभारी रही रजनी पाटिल मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर की करीबी मानी जाती थी और उसका लाभ भी कहीं ना कहीं राठौर को अपने पूरे कार्यकाल में लगातार मिलता रहा हालांकि बड़े नेता हमेशा राठौर का विरोध करते रहे ।

प्रदेश में राजनीतिक मुद्दों की बात करें तो कांग्रेस पार्टी भाजपा को बड़े तरीके के साथ घेरती नजर आई हो ऐसा कहीं नजर नहीं आया इसमें हम चाहे पीपीई किट घोटाले की बात करें चाहे सरवीण चौधरी का जमीन का घोटाला हूं चाहे जल शक्ति मंत्री का गाड़ियों की खरीद का मामला हो या कोई भी और मामला कांग्रेस पार्टी के नेता कहीं ना कहीं इन सभी मामले को जनता के बीच में उठाने में से दूरी ही नजर आए ।यह बात इसलिए कही जा सकती है क्योंकि पीपीई कित घोटाले के समय मुख्यमंत्री के पास मंत्रालय था लेकिन सरकार ने इस्तीफा राजीव बिंदल का ले लिया जहां तक सरवन चौधरी का जमीन घोटाला है तो कांग्रेस पार्टी के स्थानीय नेता ही कुछ भी बोलने से गुरेज करते दिखाई दे रहे हैं इसमें चाहे केवल सिंह पठानिया की बात कर लो या फिर कांगड़ा से किसी दूसरे चेहरे की बात करें इसी तरह जल शक्ति मंत्री के गाड़ी खरीद मामला है उसको लेकर भी कांग्रेस बैकफुट पर रही और किसी भी मुद्दे को लेकर यह फ्रंट फुट पर दिखे हो ऐसा कहीं नजर नहीं आया।।

इसी के साथ ठाकुर कौल सिंह भी ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी की उस लेटर के मुद्दे के साथ अब बैकफुट पर नजर आ रहे हैं जिसमें आनंद शर्मा के साथ उन्होंने भी हस्ताक्षर किए हुए हैं ।ऐसे में अब राजीव शुक्ला किस तरह की फीडबैक लेकर आते हैं और किस तरह का माहौल यहां पर देखेंगे और फिर किस तरह की रिपोर्ट लेकर जाएंगे यह बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि राजीव शुक्ला का यह प्रदेश का पहला दौरा जरूर है लेकिन उनका यह दौरा कांग्रेस पार्टी का प्रदेश में दशा और दिशा दोनों को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका में रहेगा।

राजीव शुक्ला की अगर हम बात करें तो तेजतर्रार नेता वह कांग्रेस के माने जाते हैं और हिमाचल प्रदेश में बेशक इनका सीधा सीधा कोई रिश्ता नहीं है लेकिन बहुत से उनके दोस्त भी हिमाचल प्रदेश से हैं। क्रिकेट से जुड़े हुए हैं इसलिए पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल की परिवार के साथ उनके संबंध सार्वजनिक ही है। इसी के साथ कांग्रेस पार्टी में भी कई परिवार ऐसे हैं जिनके उनके परिवारिक संबंध हैं ऐसे में राजीव शुक्ला अगर क्रिकेट की भाषा में यहां पर अगर राजनीति करेंगे तो जरूर कांग्रेस पार्टी का जो एक तरह से विराम प्रदेश में लगा हुआ है उसमें संशोधन जरूर हो सकता है।

हालांकि आपको बताते चलें कि प्रदेश के करीब करीब सभी नेता राजीव शुक्ला से मिलने के लिए दिल्ली गए और उन्होंने उन्हें हिमाचल प्रभारी बनने के लिए बधाई दीजिए मतलब सभी अपनी अपनी हाजिरी लगा चुके हैं इसमें चाहे प्रदेश अध्यक्ष हो चाहे सीएलपी हो चाहे कोई भी अन्य नेता कांग्रेस पार्टी का हो ,लेकिन कल से जो दौर है वो जरूर नए समीकरण दिख सकता है ।

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