लसोड़ा पोषक तत्वों और औषधीय गुणों से भरपूर

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लसोड़ा पोषक तत्वों और औषधीय गुणों से भरपूर होता है। देश के कई जगहों पर इसे गोंदी और निसोरा भी कहा जाता है। इसके फल सुपारी के बराबर होते हैं। कच्चे लसोड़े का साग और आचार भी बनाया जाता है। पके हुए लसोड़े मीठे होते हैं तथा इसके अंदर गोंद की तरह चिकना और मीठा रस होता है। इसके पेड़ की तीन से चार जातियां होती है पर मुख्य दो हैं जिन्हें लमेड़ा और लसोड़ा कहते हैं। इसका वानस्पतिक नाम कॉर्डिया मायक्सा है। लेकिन तेजी से बदलते खानपान की वजह से यह लोगों से दूर होता जा रहा है। लसोड़ा की लकड़ी बड़ी चिकनी और मजबूत होती है। इमारती काम के लिए इसके तख्ते बनाये जाते हैं और बन्दूक के कुन्दे में भी इसका प्रयोग होता है। इसके साथ ही अन्य कई उपयोगी वस्तुएं बनायी जाती हैं।

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