विश्व कैंसर दिवस निकाली गई जागरूकता रैली !

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विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर जागरूकता रैली का आयोजन
किया गया जिसे मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. प्रकाश दरोच ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर शिवा आयुवैदिक महाविद्यालय चांदपुर में लघु नाटिका व भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।उन्होंने कहा कि कैंसर दिवस हर वर्ष 4 फरवरी को मनाया जाता है इसको मनाने
का उदेश्य यही है कि हम सभी कैंसर के बारे में पूर्ण जानकारी ले और इससेअपना बचाव करे। कैंसर दिवस का इस वर्ष का थीम है ‘मैं हूं, मैं करुंगी/करुंगा’ अर्थात मैं स्वयं भी कैंसर के प्रति जागरुक हुंगा और पूरे समाज को भी इसके कारणों, बचाव, उपचार तथा समाज में इसके प्रति फैली
भ्रांतियों के बारे जागरुक करुंगा ताकि इस बीमारी को रोका जा सके।डाॅ0 बंदना कैंसर रोग अधिकारी बिलासपुर ने बताया कि दुनिया भर में करीब एक वर्ष में लगभग 96 लाख लोगों की मौत हो जाती है भारत में कैंसर से हर साल 1 लाख से अधिक नए कैंसर के मरीज सामने आते हैं उनमें से ज्सादातर लोगों की मौत बीमारी की अनदेखी के कारण होती है। उन्होंने कहा कि बदलती
जीवन शैली, बढ़ती नशाखोरी, शराब, तम्बाकू व गुटखे का सेवन, जंक फूड की पनपती संस्कृति, शहरीकरण, खाद्य पदार्थों में कीटनाशकों का प्रयोग पर्यावरण प्रदूषण कैंसर होने के मुख्य कारण है।डाॅ. बंदना ने बताया कि महिलाओं में सर्वाधिक होने वाले कैंसर हैं स्तन,सरवाइकल, उदर, कोलोरेक्टल और फेफड़े के कैंसर जबकि पुरूषों में फेफड़े,
उदर, लीवर, खाने की नली और प्रोस्टेट मुख्य हैं। कैंसर संक्रामक रोग नही है, कैंसर होने के लिए सहायक हेपेटाइटिस-बी/सी व एच आई वी संक्रामक हैं।यदि स्तन में गांठ, दर्द या सख्त हो,  तिल या मस्से के आकार में बदलावआए, पाचन एंव मल प्रक्रिया में बदलाव आए, लगातार खांसी व गले में खरास हो, मासिक धर्म के दौरान या बिना मासिक धर्म के ही अधिक रक्त बहे, शरीर
के किसी भी छिद्र से खून आए तो शीघ्र  डा0 से सम्पर्क करें। उन्होंने बताया कि कैंसर परामर्श के लिए नजदिकी चिकित्सक, कैंसर अस्पताल, कैंसर विशेषज्ञ या जिला कैंसर अधिकारी से सम्पर्क करें तथा क्षेत्रिय अस्पताल बिलासपुर के कमरा न0 67 में कैंसर मरीजों को देखा जाता हैं और फोन न094180-24860 पर भी सम्पर्क कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि कैंसर का इलाज
निःशुल्क है तथा घातक कैंसर रोगियों के लिए सरकार द्वारा सहारा योजना भीचलाई गई है जिसके तहत गरीब लोगों जिनकी सालाना आय 4 लाख से कम हो, 2 हजाररुपये हर महीने दिए जाते हैं। इसके लिए उन्हें एक फार्म भर कर बिमारी के
दस्ताबेज, स्थाई प्रमाण पत्र, फोटो पहचान पत्र, बी पी एल पमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र तथा बैंक खाते की पूर्ण जानकारी के साथ आशा कार्यकर्ता,स्वास्थ्य कार्यकर्ता, खण्ड चिकित्सा अधिकारी अथवा मुख्य चिकित्साअधिकारी केे कार्यालय से सम्पर्क करे सकते है।जन शिक्षा एंव सूचना अधिकारी पूर्ण चन्द व प्रवीण शर्मा स्वास्थ्य शिक्षक बिलासपुर ने बताया कि गलत धारणाएं रोग भ्रम और अनावश्यक चिंता उत्पन्न करती हैं, जिससे लोग अपने व परिवार के स्वास्थ्य के बारे में चिंतित हो जाते हैं जैसे शरीर पर सभी गांठे कैंसर नहीं होती केवल जांच से ही पता
चलता है। उन्होंने बताया कि लोगों को कैंसर के लक्षण दिखाई देने पर तुरन्त चिक्तिकस को दिखाकर अगर प्रारम्भिक अवस्था पहचान कर, इलाज लेने सेअन्य बीमारियों की तरह पूरी तरह से ठीक हो सकता है। कैंसर एक असंक्रामक रोग है जो एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे को नहीं फैलता। गलत धारणाओं पर
खुल कर बात-चीत से सही जानकारी से 30 प्रतिशत कैंसर के रोग को रोका जासकता हैं और 50 प्रतिशत मामलों को शीघ्र पहचान कर रोका जा सकता है इसेसमय पर निदान व दवा, रेडियो थैरिपी और शल्य चिकित्सा से ठीक किया जा सकता
है।

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