वुहान से कोरोना वायरस निकला था, वहां से अच्छी न्यूज़ आई है

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दुनिया के लिए उम्मीद की किरण

Delhi : मार्च 25, 2020 12:57 www.anvnews.com
जिस शहर से कोरोना वायरस निकला था, वहां से गुड न्यूज़ आई है
उम्मीदें बढ़ाने वाली तस्वीर है न! सिंबॉलिक टाइप. दो महीने बाद वुहान शहर का ज़ू कुछ देर के लिए खुला. थोड़े-बहुत लोग पहुंचे. ज़्यादा को आने भी नहीं दिया गया. लेकिन माहौल सामान्य करने की कोशिशें जारी हैं अब एक के बाद एक ख़बरें आ रही हैं, जो चिंता को आधा-पौना बढ़ा ही दे रही हैं. वजह है कोरोना वायरस और इससे होने वाली बीमारी COVID-19. लॉकडाउन और बढ़ते मरीज़ से लेकर वर्क फ्रॉम होम की एन्ज़ाइटी तक. लेकिन इसी बीच एक ख़बर आती है और ‘सब ठीक होगा’ वाला भरोसा फिर टिमटिमा जाता है.

ख़बर उसी जगह से है, जहां से नए साल के आस-पास कोरोना वायरस के फैलने की शुरुआत हुई थी. चीन का वुहान शहर. वुहान करीब दो महीने से कम्प्लीट या पार्शियल लॉकडाउन में है. अब जब यहां एक हफ्ते में सिर्फ एक पॉजिटिव केस आया है, तो शहर ने कुछ राहत की सांस ली. कुछ लोग तमाम एहतियात के साथ ही घर से निकले. ज़रूरत के कुछ सामान ख़रीदे. एकाध ट्रेनें भी यार्ड से निकलीं. भीड़ कम ही रही, लेकिन लोगों के वेरी अर्जेंट कैटेगरी वाले कुछ काम तो हो सके.

वुहान में अभी पूरी तरह लॉकडाउन खुला नहीं है, लेकिन इसका पालन जिस सख़्ती से कराया जा रहा था, उसमें कुछ ढील की गई है. 8 अप्रैल की तारीख़ बताई जा रही है, जब शहर से लॉकडाउन हटाया जाएगा.

61 दिन बाद शहर कुछ खुला

23 मार्च, सोमवार से शहर के कुछ सरकारी दफ्तर खुले. कुछ रेल लाइन भी खुलीं. हालांकि सब जगह उन्हीं लोगों को एंट्री जा रही है, जो स्वस्थ हैं. गेट पर ही बुख़ार नापा जा रहा है. ठीक होने पर ही रेल या ऑफिस में एंट्री मिल रही है, वरना वही पहले वाले प्रिकॉशन. कुछ-कुछ ग्रॉसरी शॉप भी खुलीं. 23 जनवरी से शहर में लॉकडाउन है.

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61 दिन के लॉकडाउन के बीच चीन के वुहान शहर में अब छुट-पुट हलचल दिख रही है.
चीन में लोकल ट्रांसमिशन के ज़ीरो केस

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चीन में 23 मार्च को कुल 39 नए केस आए. सभी विदेश से आए लोगों के. यानी लोकल-टू-लोकल ट्रांसमिशन का कोई केस नहीं. चीन में कोरोना वायरस के करीब 81 हज़ार केस आए, जिनमें से 3,270 लोगों की मौत हुई.

8 अप्रैल से क्या सिस्टम रहेगा

वुहान में सभी लोगों को फोन में एक सरकारी हेल्थ ऐप डाउनलोड करने को कहा गया है. इससे कोई भी इंसान घर बैठे अपना एक बेसिक किस्म का टेस्ट कर सकता है, जो ये बता देता है कि उसे कोरोना वायरस टेस्ट कराने की ज़रूरत है या नहीं. अगर ज़रूरत नहीं है तो ग्रीन रिपोर्ट मिल जाती है. ज़रूरत है, तो रेड. 8 अप्रैल से इस ऐप की हालिया रिपोर्ट दिखाकर ही लोगों को किसी भी पब्लिक प्लेस पर एंट्री मिलेगी.

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