हवा के द्वारा नहीं फैलता है Coronavirus, झूठी है WHO के दावे वाली खबर

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हवा के द्वारा नहीं फैलता है Coronavirus, झूठी है WHO के दावे वाली खबर
www.anvnews.com
Published:March 24 2020, 10:25
चंडीगड़। सोमवार को एक ऐसी खबर आई जिसने हेल्‍थ एक्‍सपर्ट्स की चिंताओं को दोगुना कर दिया था। एक रिपोर्ट में विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन की ओर से हुई एक स्‍टडी का हवाला देते हुए कहा गया कि कोरोना वायरस छूने के साथ ही हवा के जरिए भी फैल सकता है। डब्‍लूएचओ की दक्षिण पूर्व एशिया यूनिट की तरफ से यह दावा किया गया था कि हवा के जरिए भी कोरोना वायरस से संक्रमित होने का खतरा है। मगर डब्‍लूएचओ ने शाम होते-होते इस खबर से इनकार कर दिया।

झूठा निकला WHO का दावा
झूठा निकला WHO का दावा
डब्‍लूएचओ की साउथ ईस्‍ट एशिया यूनिट की तरफ से कहा गया था कि चीनी अथॉरिटीज ने इस बात की जानकारी दी है कि करीबी वातावरण जैसे अस्‍पताल के आईसीयू या फिर सीसीयू में ज्‍यादा समय तक रहने पर वायरस हवा में फैल सकता है। लेकिन अभी इसे समझने के लिए आंकड़ों का विश्‍लेषण जरूरी है। इससे पहले आई कुछ स्‍टडीज में कहा गया था कि कोरोना वायरस हवा में कई घंटों तक रह सकता है और इसके महीन कण जिन्‍हें एरसोल कहा जाता है, हवा में जिंदा रह सकते हैं। कई साइंटिफिक जर्नल में कहा गया है कि कोविड-19 तीन घंटे से ज्‍यादा समय के बाद हवा में आ सकता है और उस समय हवा के संपर्क में आने पर यह कोशिकाओं को संक्रमित कर सकता है।

छींक और खांसी से संक्रमण
छींक और खांसी से संक्रमण
कोविड 19 को डब्‍लूएचओ ने एक महामारी घोषित कर दिया है। इस वायरस की वजह से अब तक दुनिया के 188 देश संक्रमित हो चुके हैं और 300,000 से ज्‍यादा केसेज सामने आए हैं और 16,000 से ज्‍यादा लोगों की मौत हो चुकी है। माना जा रहा है कि संक्रमित व्‍यक्ति के संपर्क में आने पर, उसकी छींक और खांसी से निकले कण (ड्रॉपलेट्स) की वजह से यह लोगों को संक्रमित कर देता है। कई देशों में इसकी वजह से सेल्‍फ आइसोलेशान और क्‍वारंटाइन की सलाह तक दी गई है।

कब तक जिंदा रह सकता है वायरस
कब तक जिंदा रह सकता है वायरस
न्‍यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन की तरफ से पब्लिश एक आर्टिकल में कहा गया है कि कोरोना वायरस ड्रापलेट के स्‍वरूप में हवा में करीब एक घंटे तक रह सकता है। रिसर्च में यह भी कहा गया था कि वायरस प्‍लास्टिक और स्‍टील पर सबसे ज्‍यादा समय तक जिंदा रहता है। इन सतहों पर इसकी जिंदगी करीब 72 घंटे यानी तीन दिन तक बताई गई है। डब्‍लूएचओ की तरफ से यह स्‍पष्‍टीकरण ऐसे समय में आया है जब दुनियाभर में रोजाना कोविड 19 के केसेज में इजाफा हो रहा है।

16,558 लोगों की मौत
16,558 लोगों की मौत
पूरी दुनिया में इस समय कोरोना वायरस से 381,63 लोग संक्रमित हैं। वहीं 16,558 लोगों की मौत हो चुकी है। 102, 429 लोग इस वायरस से ठीक हो चुके है। भारत में मंगलवार सुबह तक कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों का आंकड़ा 491 पर पहुंच गया। देश में इस वायरस की वजह से 9 लोगों की मौत हो चुकी है। डब्‍लूएचओ का कहना है कि सतह पर वायरस की जिंदगी उसके प्रकार, तापमान और उमस पर निर्भर करती है।

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