भूखे मरने को मजबूर 108 एंबुलेंस चालक ,वेतन न मिलने से परेशान चालक

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पंजाब में कहीं भी सडक़ हादसा होने की सूरत में घायलों अथवा आपात स्थिति में रोगियों को अस्पताल पहुंचाने वाले 108 एंबुलेंस चालक व कर्मचारी निजी कंपनी की अनदेखी के चलते भूखे मरने कि कगार पर हैं । आपात स्थिति में अपनी जान जोखिम में डालकर रोगियों को अस्पताल पहुंचाने वाले चालकों व कर्मचारियों को न तो समय पर वेतन मिलता है और न ही उन्हें कभी कोई तरक्की दी जाती है । एंप्लाइज एसोसिएशन 108 पंजाब के प्रधान दलजीत सिंह व चेयरमैन विक्रमजीत सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि वर्ष 2011 में सरकार द्वारा 108 एंबुलेस सेवा के तहत 242 एंबुलेंस वाहनों को सड़कों पर उतारा था । इनके संचालन की जिम्मेदारी एक दागी कंपनी चिकित्सा हेल्थ केयर को सौंपी गई थी। इस कंपनी को पहले ही राजस्थान व अन्य कई राज्यों को ब्लैक लिस्ट किया जा चुका है । उन्होंने बताया कि इन वाहनों में 1100 से अधिक चालक तथा इमरजेंसी मेडिकल ट्रीटमेंट कर्मचारी को तैनात किया गया है ।  वही उन्होंने बताया कि संबंधित कंपनी उनसे आठ घंटे की बजाए 12-12 घंटे काम करवा रही है । वर्तमान में इन एंबुलेंस के चालकों को 8500 रुपए तथा ईएमटी को 9200 रुपए वेतन दिया जाता है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा संबंधित कंपनी को प्रति माह प्रति एंबुलेंस एक लाख 42 हजार रुपए की अदायगी की जाती है जबकि कंपनी द्वारा कभी भी कर्मचारियों की वेतन वृद्धि नहीं की गई है… वही कर्मचारी नेताओं ने कहा कि अगर उनकी मांगे पूरी नहीं हई और सरकार ने निजी कंपनी का टेंडर रद्द नहीं किया तो वह हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे । जिसकी जिम्मेदारी निजी कंपनी व सरकार की होगी ।

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