यमुनानगर के जगाधरी में आज तड़के जब लोग नींद के आगोश से बाहर आ ही रहे थे तब रोजी-रोटी के लिए अलसुबह मंडी में पहुंचने वाले आढतियो का गुस्सा फूट पड़ा। आढ़तियों का कहना था कि वह मेहनत से अपने कार्य को अंजाम दे रहे हैं लेकिन आरटीए विभाग के कर्मचारी किसी ना किसी बहाने से उन्हें तंग करते रहते हैं उन्होंने आरोप लगाया कि तंग करने का कारण आढतियों से सुविधा शुल्क लेना होता है। उनका यह भी आरोप था कि जो बड़े-बड़े ट्राले या डंपर जहां से गुजरते हैं उन्हें विभागीय अधिकारी कभी नहीं रोकते लेकिन मंडी में आने वाली किसानों की ट्रालियां उनके निशाने पर रहती हैं जिससे उनकी रोजी-रोटी प्रभावित होती है। गुस्साए लोगों ने जमकर नारेबाजी भी की इसके पश्चात दोनों पक्षों को अर्जुन नगर चौकी में बातचीत के लिए बुलाया गया । वह इस मामले में भारतीय विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उनके द्वारा लगातार ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई की जाती है और यह लोग भी ट्रैक्टर ट्रॉली का कमर्शियल इस्तेमाल करते हैं और जब उनके वाहनों में ओवरलोड होता है तो इनके भी चालान किए जाते हैं इसी बात को लेकर आज हंगामा किया गया जबकि विभाग द्वारा किसी को कोई परेशान नहीं किया गया जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं वह गलत है जबकि टीम द्वारा जो ट्रैक्टर ट्रॉली रखी गई थी उसको इन लोगों द्वारा वहां से हटा कर भगा लिया गया। आज के इस पूरे मामले की जानकारी हम अपने उच्च अधिकारियों को देंगे। अब देखना होगा इस मामले में क्या सच्चाई निकल कर आती है और कैसे यह मामला सुलझ जाएगा क्योंकि दोनों तरफ ही एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं।
