बुजुर्ग महिला के साथ अमानवीय बर्ताव के बाद एक और बुजुर्ग आई सामने

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देवभूमि हिमाचल में धर्म के नाम पर पाखंड की परतें खुलती ही जा रही हैं इसी कड़ी में मंडी जिले के सरकाघाट के बड़ा समाहल गांव में बुजुर्ग महिला के साथ अमानवीय बर्ताव मामले के बाद एक और बुजुर्ग महिला सामने आई है जिसने अपनी आप बीती मंडी आकर सुनाई तो इस मामले की कई परतें खुलकर सामने आई है। महिला कृषणी देवी का कहना है कि ये देवता के नाम पर आदेश सुनाने का सिलसिला करवाचैथ के दिन से शुरू हुआ और उन्हे कथित पुजारिन ने देवता का आदेश बताकर पूरे गांव को उसके  ऊपर थूकने का आदेश सुना दिया था।  निशा नाम की इस पुजारन ने देवता के सामने कहा कि  ये महिला टोना-टोटका करती है और सजा सुना दी। बुज्रर्ग उसी दिन से लोकलाज के चलते घर और गांव छोड़कर अपने रिश्तेदार के घर पिंगला आ गई। महिला का कहना है कि वो अकेली रहती हूं और उसे इसलिये निशाना बनाया गया। इतने दिन ये आरोप लगने से घुट घुट जी रही थी और घर से बाहर नहीं निकल पाई। उनके साथ उस दिन देवता की सजा सुनाते हुए देवता के कथित कारकुनों ने मारपीट भी की और घर का  सामान इसलिए जला डाला कि यहां तंत्र मंत्र किया जाता है। महिला कृषणी ने रोते हुए कहा इसी आदेश सुनाने वाले देवता माहू नाग के मूल स्थान चचोट के तरोर गांव गई और देवता मूल माहूं नाग ने अपने पुजारी के माध्यम से कहा कि ये बीमारी है और इसका एक माह में इलाज हो जाएगा। इसके बाद महिला अपने गांव लौट आई और इस बीच 6 नवंबर को ये घटना हुई और अब राजदेई नाम की महिला को निशाना बनाकर उसको कथित पुजारन ने डॉयन बताकर जूतों की माला और मुंह काला कर गांव में घुमाने के आदेश दिए और लोगों ने आदेश मानकर डर के मारे ये किया। उस 25 बर्षीय युवती ने देवता के आदेश बताकर सबको डराया हुआ था और सब उसके आदेश मानने लगे थे।

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