सांसदों की सैलरीे पर कोरोना की मार, 30 फीसदी की कटौती

0
22

लोकसभा से पास हुआ बिल

लोकसभा में सोमवार को सांसदों के वेतन में एक वर्ष के लिये 30 प्रतिशत कटौती करने वाला एक विधेयक पेश किया गया जिसका उपयोग कोविड-19 महामारी के कारण उत्पन्न स्थिति से मुकाबले के लिये किया जायेगा। संसदीय मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने निचले सदन में संसद सदस्यों के वेतन, भत्ता एवं पेशन संशोधन विधेयक 2020 को पेश किया जो संसद सदस्यों के वेतन, भत्ता एवं पेशन अध्यादेश 2020 का स्थान लेगा।

लोकसभा में बिल पर चर्चा के दौरान कुछ सांसद ऐसे भी रहे जिन्होंने कहा कि सरकार हमारी पूरी सैलरी ले ले, लेकिन सांसद निधि पूरी मिलनी चाहिए। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि सरकार हमारी पूरी सैलरी ले ले, कोई भी सांसद इसका विरोध नहीं करेगा लेकिन सांसद निधि पूरी मिलनी चाहिए। जिससे कि हम लोगों के फायदे के लिए काम कर सकें। टीएमसी के सांसद सौगत रॉय ने कहा कि जितना पैसा हो आप सांसदों से ले सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के पास 303 सांसद हैं तो इसका मतलब ये है क्या कि बाकी सांसदों का कोई महत्व नहीं है।

इस अध्यादेश को 6 अप्रैल को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली थी और यह 7 अप्रैल को लागू हुआ था। अध्यादेश में कहा गया था कि कोरोना वायरस महामारी ने त्वरित राहत और सहायता के महत्व को प्रदर्शित किया है और इसलिये महामारी को फैलने से रोकने के लिये कुछ आपात कदम उठाये जाने जरूरी हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here