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माँ की रेडियोथेरेपी करवाने गए अजय ने पीजीआई को ही कर दिया जीवन

बिलासपुर-जी हाँ, अजय ठाकुर जिला बिलासपुर के पनौल गाँव से सम्बंध रखते है। पिछले 19 वर्षों से आउटसोर्सिंग पर पीजीआई एमआर चंडीगढ़ में सेवाएं दे रहे। इनके जीवन मे कुछ ऐसा घटा की वर्ष 1998 में अजय ठाकुर अपनी माता के इलाज के लिए रेडियोथेरेपी करवाने के लिए पीजीआई चंडीगढ़ में लाए थे, मरीज़ों और उनके तीमारदारों के भीड़-भड़के से उनका मन व्यथित हुआ, जैसे-कैसे माता जी का इलाज तो करवा लिया और मन मे यह भी प्रण कर लिया चंडीगढ़ पीजीआईएमआर चंडीगढ़ में लोंगो के सेवा के लिए ततपर रहेंगे। सुबह आठ बजे से लेकर रात ग्यारह बजे तक अजय लोंगो के लिए पीजीआईएमआर चंडीगढ़ में हिमाचल के लोंगो की सेवा में, खास कर बिलासपुर से आने वाले मरीजों के लिए अपनी सर्वत्र क्षमता भी लगा देते है। पीजीआई चंडीगढ़ के विभिन्न विभागों में अजय ठाकुर ने अपने व्यवहार कुशलता और कर्तव्यपरायणता के चलते पूरे पीजीआई के अन्य स्टाफ में भी अच्छा रसूख रखते हैं। अजय ठाकुर का कहना है कि वह अपने व्यवहार और मरीजों के प्रति गहरी संवेदना ही उनकी लोक सेवाभाव के लिए प्रेरणा बनती है। बिलासपुर महाविद्यालय से स्नातक और हिमाचल प्रदेश विश्विद्यालय से आर्थिक शास्त्र में स्नातकोत्तर अजय ठाकुर पीजीआई से सम्बंधित बहुत सी सामाजिक संस्थाओं से भी जुड़े है और यहाँ नजदीक के गुरुद्वारा साहिब के अलावा सराय भवनों में मरीज़ों और उनके तीमारदारों के रहने और खाने की व्यवस्था करने से भी नहीं चूकते।

पीजीआई में दाखिल मरीज बिलासपुर जिला से हो तो वह स्वंय ही वहाँ जाकर उनके कुशलक्षेम के अलावा उनको यहाँ आने वाले दिक्कतों को भी निजात दिलाने की पुरजोर कोशिश करते है। उसके अलावा अजय ठाकुर मरीजों से बची फ़ालतू दवाओं को संबंधित विभाग के चिकित्सकों तक भी पहुंचाने का काम करते हैं, ताकि जरूरत मंद रोगियों को उन बची हुई दवाओं से कुछ मदद मिल सके। पीजीआई के पीडियाट्रिक सेंटर में सेवाएं देने के बाद वर्तमान में अजय ठाकुर पीजीआई के एडवांस आई सेंटर में सेवाएं दे रहें हैं। अजय ठाकुर का कहना है कि उनके कार्यालय का शेड्यूल आवर्स वैसे तो सुबह 8 बजे से सायं 4 बजे तक होता है लेकिन सुबह 8 बजे से 11 बजे तक सबसे ज्यादा हैक्टिक शेड्यूल रहता है और तदुपरांत वह जनसेवा में ही खास कर बिलासपुर वासियों की सेवा में लग जाते हैं। राजनीति से कोई सरोकार नहीं रखने वाले अजय बिलासपुर में खुले एम्स संस्थान के लिए कहते है कि यह हिमाचल प्रदेश के लिए एक वरदान साबित होगा इसके लिए प्रदेश पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, पूर्व स्वास्थ्य केंद्रीय मंत्री व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और श्री नयना देवी जी के विधायक राम लाल ठाकुर को श्रेय देते हैं, उनका मानना है कि बिलासपुर में एम्स का खुलना एक राष्ट्रीय गर्व का विषय है और वह दिन दूर नहीं कि जब एम्स देश के अग्रणी स्वास्थ्य संस्थानों में से एक होगा और इसकी वजह से हिमाचल के लोंगो का पीजीआई आना भी कम होगा लेकिन इस क्रियान्वयन में अभी पांच-सात वर्ष लग जाएंगे। वैसे अजय ठाकुर की कर्तव्यपरायणता, व्यवहार कुशलता और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता को देखते हुए पीजीआई चंडीगड़ प्रशासन भी कई बार सम्मानित कर चुका है।

अजय तो यहाँ तक कहते है कि बिलासपुर से आने वाले मरीजों के लिए उनका फोन हमेशा खुला रहता है, पीजीआई के जिस किसी विभाग में उनको बिलासपुर के लोंगो की सहायता के लिए जाना होगा तो वह निसंदेह जाते हैं और आगे भी जाएंगे। सेवानिवृत्त के बाद अजय ठाकुर का कहना है कि वह बिना किसी स्वार्थ के अपने अनुभवों के आधार पर बिलासपुर एम्स के मरीजों और उनके तीमारदारों की सहायता हेतू तत्पर रहेंगे, उनका विश्वास है कि जीवन मे हम किसी भी विपत्ति से लड़ सकते हैं लेकिन किसी घर मे कोई रोगी हो तो उससे बड़ी संसार मे कोई विपत्ति नही है और उस मरीज की सहायता करना और उसके परिवार की सहायता करने से बड़ी कोई सेवा और सहायता नही है। निजी स्वास्थ्य पद्धति के सख्त खिलाफ अजय कहते हैं कि पीजीआई और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानो का आज भी कोई विकल्प नहीं है, लेकिन पैसे की अंधाधुंध दौड़ में निजी स्वास्थ संस्थान पैसे बनाने की मशीनें बनते जा रहे है जो कि एक गलत धारणा है, पीजीआई जैसे सरकारी तंत्र में थोड़ा समय अवश्य लगता है लेकिन मरीजों की सेवा और इलाज में पूरी ईमानदारी बरती जाती है, यदि फिर भी कोई व्यवस्था में कमी रहती है तो उसके लिए उनके जैसे अन्य समाजसेवी जनसेवा में लगे रहते हैं।

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