महाराष्ट्र मामले पर संसद के दोनों सदन आज गरमा सकते हैं,विपक्ष को मिला नया सियासी मुद्दा

0
156

महाराष्ट्र के राजनीतिक घटनाक्रम का असर सोमवार को संसद के चल रहे मौजूदा सत्र में भी दिख सकता है। जहां छुटपुट कुछ मामलों को छोड़ दें, तो लगभग शांत चल रहे संसद के दोनों सदन फिर से गर्मा सकते है। इसकी उम्मीद इसलिए भी है, क्योंकि इस मामले में कांग्रेस, एनसीपी (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) और शिवसेना एक साथ खड़ी है।वैसे भी महाराष्ट्र में जिस तरह से फड़नवीस सरकार बनी है, उस पूरे घटनाक्रम से तीनों ही पार्टियां को भारी झटका लगा है। ऐसे में वह सरकार को घेरने का कोई भी मौका नहीं छोड़ेगी। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट का वह दरवाजा खटखटा चुकी है, ऐसे में वह केंद्र सरकार को घेरने के लिए संसद में भी इस मामले को तूल दे सकती है।वैसे भी कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना ने जिस तरह से महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर केंद्र सरकार और राज्यपाल की भूमिका पर सवाल खड़ा कर रही है, ऐसे में उसे इस मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस का भी साथ मिल सकता है। बता दें कि तृणमूल कांग्रेस पहले से ही पश्चिम बंगाल में राज्यपाल की भूमिका को लेकर केंद्र का घेराव करने में जुटी है।हालांकि राज्यपालों की भूमिका पर कोई पहली बार सवाल उठ रहे है, ऐसा नहीं है। केंद्र की सरकारों पर शुरु से ही इस पद के दुरुपयोग का मुद्दा उठता रहा है। यही वजह थी कि केंद्र और राज्य संबंधों को लेकर जस्टिस रणजीत सिंह सरकारिया की अगुवाई में 1983 में गठित किए गए आयोग ने राज्यपाल की नियुक्ति का अधिकार केंद्र के बजाय राज्यों की सलाह पर करने की बात कही थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here