किसानों पर नहीं होंगे पर्चे दर्ज – कैप्टन अमरिंदर सिंह

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चण्डीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह 11 सदस्य शिष्टमंडल के साथ राज्यपाल वी पी सिंह बदनौर को किसान अध्यादेशों के मुद्दे पर मिलने पहुंचे। जिसके बारे में जानकारी देते हुए पार्टी अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने बताया कि किसान ऑर्डिनेंस के विरोध में हमने राज्यपाल को राष्ट्रपति के नाम मांग पत्र दिया है।

अकालीदल के मंत्री केंद्रीय कैबिनेट के बीच है और जिस तरह यह ऑर्डिनेंस लाये गए उससे न सिर्फ किसानी तबाह होगी तो वहीं पंजाब में ऐसा माहौल बन जायेगा जिसमे की पड़ोसी देश को पंजाब की अमन शांति भंग करने का मौका मिलेगा।

किसानों को सेल्यूट करते हैं कि किसान एकजुट होकर अकालीदल को मजबूर किया कि वह भाजपा के उलट हुए और जो वकालत करते थे भाजपा की तो वह आज उलट हैं।

भारत के इतिहास में काले अक्षर में लिखा जाएगा जैसे केंद्रीय मंत्री ने जो बयान दिया उसमे सच नही है क्योंकि सीएम के साथ उस पर कोई चर्चा नही हुई है और कांग्रेस ने इसका विरोध किया था।

आज पंजाब के किसान पर जो हमला किया गया है तो वही पंजाब कांग्रेस को बदनाम करने की कोशिश की है और जो इस मुद्दे के साथ जुड़े किसान व व्यपारी है उनको हम विश्वाश दिलवाते है कि हम उनके साथ है।

जाखड़ ने कहा कि पंजाब की किसानी व आर्थिकता को बचाने के लिए हम ततपर है और आज एक कुर्सी बचने के लिए अकालीदल भाजपा के सामने घुटने टेक हुए हैं और हो सकता है कि आने वाले दिनों में इस्तीफा देने का ड्रामा करें

सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि सभी किसान यूनियन व राजनीतिक दलों की बैठक बुलाई थी जिसमे भाजपा, अकाली दल हमारे साथ नही जुटा पर हम किसानों के साथ है।

सीएम ने कहा कि एक बैठक हुई थी जिसमे वित्त मंत्री शामिल हुए थे जिसमें तीसरी बार अधिकारी बुलाये थे जिसमें उन्होंने हमारी राय नाजी मांगी बल्कि हमे जानकारी दी थी।ऐसे में जहां हम उस रसजय से है जो देश का पेट भरता है।हमारा राज्य ऐसा है जहां पर पाकिस्तान हमेशा आतंकवाद फैलाने की कोशिश करता रहा है।पंजाब में रोष जरूर होगा जिसमें वह फायदा उठाने की कोशिसज भी करेंगे।हमने कई पत्र लिखे है केंद्र को लेकिनकेन्द्र नही माना है जिसमे एक तो ऑर्डिनेंस को पास कर दिया है जबके दूसरा पास करने के लिए उन्हें समझना होगा कि किसानी पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा कि जब खरीद एजंसियों के हाथ कुछ नही होगा तो किसान का बड़ा नुकसान होगा जिसमें सभी मुद्दों को सोच कर केंद्र को फैसला करना चाहिए था जो नही सोच उनकी सोच बड़े कारोबारियो के लिए है।आज फिर राज्यपाल से मिलकर इसका विरोध किया है।

सीएम ने कहा की हम विधानसभा में इसके खिलाफ प्रस्ताव पास कर चुके है और हर दिन इन ऑर्डिनेंस के खिलाफ बोल रहे है तो ऐसे में भी अगर कोई न समझे कि कांग्रेस क्या कर रही है तो कुछ नही कह सकते।

सुखबीर बादल जो कह रहे हैं कि वोट ख़िलाफ़नाही किया तो उसमें हमने वाकआउट किया तो सुखबीर बताएं कि उनकी मंत्री ने इसका विरोध तुरन्त किउ नही किया जबकि सुखबीर ड्रामा कर रहे हैं।अकालीदल के सदस्यों ने जब इसका विरोध किया तो आज ऐसी बात कह रहे हैं।

सीएम ने कहा कि किसान को हम कहते है कि केंद्र के विरोध के लिए हम उनके साथ जाने को तैयार है लेकिन पंजाब में विरोध करने का क्या मतलब।

धारा 144 लगी हुई है लेकिन जब किसान इसका उलंघन कर रहे तो समझ जा सकता है कि किसान जब खुद का बड़ा नुकसान देख रहे है तो वह क्या करें किसी का मन नही करता कानून तोड़ने का पर वह मजबूर है।यह केंद्र के लोग पंजाब की किसानी डूबा देंगे।

सीएम ने कहा कि अकालीद ल कुर्बानी देने की बात करते रहते है लेकिन दे तो सही। सीएम ने कहा कि किसान के खिलाफ मामले दर्ज नही होंगे और मामले जो दर्ज हुए वह वापिस करवाये जाएंगे।

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