कोरोना वैक्सीन पर
स्वास्थ्य मंत्रालय का स्टेटस

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मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साप्ताहिक मीटिंग के दौरान जब नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल से वैक्सीन का स्टेटस पूछा गया तो उन्होंने बताया कि देश मे तीन कंपनियों की वैक्सीन क्लीनिकल ट्रायल की स्टेज में हैं। ICMR- भारत बायोटेक की वैक्सीन का पहले फेज का ट्रायल पूरा हो चुका है। मंगलवार से फेज-2 के लिए एनरोलमेंट शुरू हो गई है। यह हिंदुस्तानी वैक्सीन है। यह स्वदेशी है।

Zydus कैडिला की वैक्सीन का फेज वन खत्म हो चुका है और फेज 2 चल रहा है जिसमें अच्छी प्रोग्रेस हो चुकी है। यह भी स्वदेशी है।

तीसरा ट्रायल देश मे सीरम इंस्टिट्यूट की वैक्सीन का चल रहा है, ये ऑक्सफ़ोर्ड की मशहूर वैक्सीन है। AstraZeneca इसकी पैरेंट कंपनी है जो इसको बनाती है लेकिन अब इसको सिरम इंस्टीट्यूट भी बना रही है। सिरम इंस्टीट्यूट और देश के लिए यह गौरव की बात है। सिरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन बनाने की क्षमता बहुत जबरदस्त है। सिरम इंस्टीट्यूट 1 महीने में 7.5 करोड़ से लेकर 10 करोड़ डोज बनाने की क्षमता रखता है। इस वैक्सीन के फेज 3 ट्रायल यूके, अमेरिका, ब्राज़ील में चल रहे हैं।

हिंदुस्तान में भी इस वैक्सीन का ट्रायल शुरू होने वाला है। लगभग अगले हफ्ते फेस 3 का ट्रायल 17 जगह जैसे दिल्ली, चेन्नई, पुणे आदि में होगा। भारतीय वालंटियर्स पर ये ट्रायल होगा। भारत मे लगभग 1600 वालंटियर्स पर इसका ट्रायल होगा. हालांकि दूसरे देशों वॉलिंटियर्स की संख्या बहुत ज्यादा है जैसे अमेरिका में 30,000 और ब्राज़ील में 5 हज़ार है। इसके अलावा रूस की अथॉरिटी यह कह रही हैं कि वह अपनी वैक्सीन का फेज 3 ट्रायल भारत समेत कुछ अन्य देशों में करने जा रही है।

डॉ वीके पॉल के मुताबिक ‘भारत सरकार इस पर विचार कर रही है कि रूस की सरकार ने भारत सरकार से संपर्क किया है और दो तरह की मदद मांगी है। पहला- भारत की बड़ी और नामी कंपनियों से वैक्सीन मैन्युफैक्चर कराने पर विचार करें जिससे बड़े पैमाने पर वैक्सीन बनाई जा सके. दूसरा- ज़रूरत होने पर फेज 3 ट्रायल या दूसरी स्टडी भारत मे कराई जाए. रूस भारत का खास दोस्त है और दोनों ही मामलों में प्रगति हुई है’।

डॉ वीके पाल ने यह भी बताया कि अगर रूस के साथ इस व्यक्ति के बारे में बात आगे बढ़ती है और मंजूरी मिलती है तो जिस तरह से सिरम इंस्टीट्यूट ऑक्सफोर्ड वैक्सीन का ट्रायल भारत में कर रहा है ठीक उसी तरह से रूस की वैक्सीन का ट्रायल भी भारत में नियम और कायदों के साथ होगा।

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