233 यात्रियों को छूकर निकली मौत

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रूस के एक विमान ने 233 लोगों को लेकर उड़ान भरी. अभी टेकऑफ किया ही था कि अचानक पक्षियों का एक झुंड प्लेन से टकरा जाता है. प्लेन के दोनों इंजन को भारी नुकसान पहुंचता है. ज़ाहिर है ऐसे में विमान उड़ नहीं सकता था. प्लेन एयरपोर्ट पर भी वापस नहीं जा सकता था. अब पायलट के पास दो ही रास्ते बचे थे. एक प्लेन को क्रैश होने दे. दूसरा विमान में मौजूद मुसाफिरों की जान बचाने के लिए एक आखिरी कोशिश करे. पायलट ने दूसरा रास्ता चुना. हालंकि ये रास्ता भी बहद खतरनाक था. मगर और कोई चारा भी नहीं था.

अभी यूराल एयरलाइंस के विमान एयरबस 321 ने 233 मुसाफिरों और क्रू मेंबर को लेकर जुकोवस्की एयरपोर्ट से क्रीमिया फेरोपोल के लिए उड़ान भरी थी. विमान अभी हवा में परवाज़ भर ही रहा था कि अचानक पक्षियों का एक झुंड उसका टकरा जाता है. पक्षी विमान के दोनों इंजनों में फंस गए थे. जिसके वजह से विमान के इंजन ही बंद हो गए. हालांकि विमान अभी जुकोवस्की एयरपोर्ट से चंद किलोमीटर की दूरी पर ही था.लिहाज़ा पायलट ने विमान को वापस एयरपोर्ट पर लैंड करने के लिए घुमा तो दिया. मगर इंजन बंद होने की वजह से उसके लिए एयरपोर्ट तक पहुंच पाना खतरे से खाली नहीं था. क्योंकि दांव पर 233 ज़िंदगियां लगी हुईं थी. लिहाज़ा विमान के पायलट दामिर युसुपोव ने प्लेन को एयरपोर्ट से एक किमी पहले ही मकई के एक खेत में उतारने का फैसला किया.यूराल एयरलाइंस के विमान एयरबस 321 में सफर कर रहे एक मुसाफिर ने कुछ तस्वीरें अपने कैमरे से ली हैं. लैंडिंग से पहले ज़मीन से बेहद करीब सैकड़ों किमी की रफ्तार से वो विमान कभी ऊपर जा रहा है. तो कभी नीचे आ रहा है. क्योंकि पायलट को भी ये डर लग रहा था कि कहीं उसकी एक चूक से विमान में मौजूद 233 लोगों की ज़िंदगी पर ना बन आए. इस हादसे की खबर जैसे ही मीडिया के ज़रिए लोगों को लगी. सब हैरान रह गए. और विमान की चमत्कारी लैंडिंग के बाद रूस में पायलट दामिर युसुपोव हीरो बन गए. उन्हें बधाइयों का तांता दिया जाने लगा. यकीनन युसुपोव की सूझबूझ से ही विमान में मौजूद 233 लोगों की जान बच सकी. क्योंकि आमतौर पर विमान का इंजन बंद होने के बाद इतनी ऊंचाई से नीचे आने में प्लेन के क्रैश होने की आशंका बहुत बढ़ जाती है और ऐसे हादसों में किसी को बचा पाना भी तकरीबन नामुमकिन ही होता है. और इस बार भी ऐसा ही हुआ. मौत सामने थी लेकिन किस्मत इन यात्रियों के साथ थी. बस एक चमत्कार ने 233 यात्रियों की जान बचा ली.

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