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करनाल स्थित राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान करनाल में डॉ. केके इया

करनाल स्थित राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान करनाल में डॉ. केके इया की स्मृति में व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन डॉ.डीस सुंदरसन ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम में जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर के कुलपति प्रो. एमएस चौहान ने शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान निदेशक एवं कुलपति डॉ धीर सिंह ने की। प्रो. एमएस चौहान ने कहा पूरे देश में 218 मिलियन टन का दूध उत्पादन हो रहा हैं, दूध उत्पादन को बढ़ाने के लिए लगातार काम किया जा रहा, 

जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर के कुलपति प्रो. एमएस चौहान ने कहा कि संस्थान में एकेमिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें उन वैज्ञानिकों को व्याख्यान देने के लिए बुलाया गया हैं। जिन्होंने डेयरी साइंव व डेयरी प्रोडेक्शन में काम किया हैं। एनडीआई देश का बहुत बड़ा विश्वविद्यालय, संस्थान हैं। यहां पर जितने भी विद्यार्थी या वैज्ञानिक हैं। जिनको आगे चलकर बड़ी चुनौतियों का सामना करना हैं जैसे मिल्क को बढ़ाने में, पशुओं की उत्पादकता को बढ़ाने में। उन्होंने कहा कि जो भी विकसित तकनीक हैं, उन्हें सीधे किसानों व डेयरी उद्योगों तक पहुंचाना है।

उन्होंने कहा कि व्याख्यान में बताया गया कि जो तकनीक विकसित हो चुकी हैं, उन्हें प्राप्त करने में जितनी चुनौतियां सामने आई। उन चुनौतियों का किस प्रकार से सामना किया गया हैं। उन चुनोतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।  उन्होंने कहा कि भारत सरकार लगातार काम कर रही है कि दुध उत्पादन को बढ़ाया जाए, जिस पर कम से कम खर्च हो। इस दिशा में काम चल रहा है। रिसर्च की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस वक्त अच्छे दुधारू पशु नहीं है, साथ ही इलीट मेल नहीं है। जिस पर रिसर्च चल रही है।

उन्होंने कहा कि पूरे देश में 218 मिलियन टन का दूध उत्पादन हो रहा हैं, इसे ओर बढ़ाने के लिए काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि करीब 25 सौ इलीट बुल हैं, जिनके सीमन से दुधारू पशुओं को पैदा किया जा रहा हैं। लेकिन इलीट बुल से निकाले गए सीमन से करीब 50 प्रतिशत तक की कमी पूरी हो पा रही है। इसलिए इलीट बुल को बढ़ाने के लिए काम चल रहा है
राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के निदेशक ने धीर सिंह ने बताया कि भारत सरकार ने 280 करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी दी है, जिससे देशभर में 30 सेंटर खोले जाएगे। जिससे ओविएम पिकअप आईवीएफ तकनीक का प्रसार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अप्रैल माह में मेला लगाया जाएगा, जिसमें एक लाख से अधिक किसानों के पहुंचने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि मेल का शुभारंभ कृषि एवं कल्याण मंत्री शिरकत केंरेंगे। 

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