नलवाडी मेले को बेहतर और नया स्वरूप देने का किया जाएगा प्रयास – सुभाष ठाकुर

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मेले, त्योहार और पर्व हमारी प्राचीन बहुमूल्य लोक सांस्कृतिक विरासत के अभिन्न अंग है। वर्तमान में आवश्यक है कि इनके मौलिक स्वरूप को कायम रखते हुए इनके सवंर्धन, प्रचार, प्रसार व इन्हें और भव्य स्वरूप प्रदान करने की दिशा में कार्य किया जाए। यह उद्गार सदर विधायक सुभाष ठाकुर ने स्थानीय बचत भवन में राज्य स्तरीय नलवाडी मेला के प्रबन्धन के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि नलवाडी मेले को सफल बनाने के लिए सभी विभाग आपसी तालमेल से कार्य करें और इस मेले को ओर अधिक आकर्षक बनाने के लिए अपने बहुमुल्य सुझाव भी दें। उन्होंने कहा कि मेले को बेहतर और नया स्वरूप देने का प्रयास कियाजाएगा। उन्होंने कहा कि इस बार मेले में और अधिक आकर्षक गतिविधियों को भी शामिल करने के लिए प्रयास किए जाएंगे।उन्होने कहा कि इस मेले के साथ जुडी कुश्ती, हैण्डबाॅल और कबडडी जैसी स्पर्धाओं में राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाडी व पहलवान भाग लेकर इसकी भव्यता को बढाते है। उन्होने कहा कि इस वर्ष खिलाडियों व पहलवानों को प्रोत्साहित करने के लिए और अधिक प्रयास किए जंाएगें। उन्होंने कहा जिला में साहसिक खेलों की आपार सम्भावनाएं विद्यमान है इन खेल गतिविधियों से जिला में पर्यटन की सम्भावनाओं को बढाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नलवाडी मेले के दौरान पैराग्लाईडिगं, एंगलींग और रस्सा कस्सी प्रतियोगिताएं करवाने के भरपूर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नलवाडी मेले को सर्वोत्तम मेला बनाने की दिशा में कुछ नया व बेहतर करने की पहल में समस्त जिला वासियों की सहभागिता नितान्त आवश्यक है। उन्होनें कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हर वर्ग के मनोरंजन का ख्याल रखा जाएगा तथा बिलासपुर की संस्कृति के प्रचार व प्रसार को भी अधिमान दिया जाएगा। उन्होंने आहवान किया कि राज्य स्तरीय नलवाडी मेला 2020 को यादगार मेला बनाने के लिए सभी लोग अपने साकारात्म सुझाव दें, जिन्हें सम्भव बनाने व मूर्तरूप देने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगें। उन्होने कहा कि नलवाडी मेला 2020 अत्यन्त शान्त व पारिवारिक माहौल में सम्पन्न हो इसके लिए हर प्रकार की व्यवस्थाएं की जाएगी।उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने कहा कि 17 मार्च से 23 मार्च तक आयोजित किए जाने वाले नलवाडी मेले में ऊंट तथा घोड़ागाड़ी सवारी का भी लोग लुत्फ उठाएंगे। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान स्वच्छता और खाद्य पदार्थों की गुणवता का विशेष ध्यान रखा जाएगा।  उन्होंने कहा कि इस बार मेले में स्थानीय व्यंजनों के फूड कार्नर,बेबी शो, फैंसी ड्रैस, फलावर शो,फोटोग्राफी, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, बिलासपुर की स्मृद्ध विरासत को दर्शाते हुए प्रदर्शनी का आयोजन, वाद्य यंत्रों द्वारा देव घ्वनी तथा आतिशबाजी का आयोजन भी प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त पंतगबाजी और स्टीमरऔर साहसिक खेलों की प्रतियोगिताएं आकर्षण का केन्द्र रहेगी।उन्होने कहा कि मेले के दौरान लगनें वाली प्रर्दशनियों के माध्यम से सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से प्रचारित करने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होनें कहा कि ऐतिहासिक नलवाडी मेले की मौलिकता,गरिमा और भव्यता को बरकरार रखने के लिए व्यापक रूप से प्रबन्ध किए जाएगें।

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