ईद की खातिर कर्जा लेकर दुकानों में भरा सामान

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ईद के मायने खुशी के होते हैं, यह त्योंहार जहां रोजेदारों के लिए खुशी लेकर आता है वहीं दुकानदार भी दिवाली की तरह ईद के आने का इंतजार करते हैं। लेकिन इस बार कोरोना वायरस के कारण पूरे देश में लगे लोकडाउन ने ईद के चांद की खुशी धूमिल कर दी है। मेवात क्षेत्र के पुन्हाना, पिनगवां, नूंह, फिरोजपुर झिरका, नगीना व तावडू के दुकानदारों ने तीन-चार महिने पहले अपनी दुकानों में लाखों रूपये का सामान इस वजह से भर लिया था कि ईद के मौके पर उनकी साल भी की कमाई हो जाती है। लेकिन कोविड-19 ने सब कुछ तभाह व बर्बाद कर दिया। ईद पर कपडा, रेडीमेट, जूता, चप्पल आदि सामान को दुकानदारों ने कर्जा लेकर भर लिया था। लोकडाउन और सोशल डिस्टेंस की वजह से दुकानों पर ग्राहक कम आने की वजह सेे दुकानदारों की कमर तोड दी है। कमाना तो रहा दूर अभी तक उनका दस फीसदी सामान भी नहीं बिक सका है। दुकानदार हाथ पर हाथ धरे बेठे हैं। दुकानदारों को घर का खर्चा चलाना, दुकानों का किराया देना और कर्जा का ब्याज देना भारी पड रहा है। मेवात के दुकानदारों ने सरकार ने मदद की गुहार लगाई है।पुन्हाना में जुता, चप्पल की दुकान चलाने वाले राहुल का कहना है कि पिछली साल ईद के मौके पर उनको खाने खाने के लिए भी समय नहीं मिलता था आज वे ग्राहकों का इंतजार कर रहे हैं। आज दो फीसदी भी सामान नहीं मिला है। उपर से दुकानदार किराया मांग रहा है। उनका किराया मांफ होना चाहिए

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