NURPUR : महिला की मौत को लेकर परिजनों में रोष !

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पिछल दो तीन दिन से सोशल  मिडिया पर एक लड़की द्वारा नूरपुर अस्पताल में एक गर्भवती महिला की डॉ और स्टाफ की लापरवाही के कारण हुई मौत के बारे में एक विडिओ डाली गई थी ! इस विडिओ को लेकर लोगो में अस्पताल के प्रति भारी रोष व्याप्त था ! ज्ञात रहे की पिछले कुछ समय से नूरपुर अस्पताल अपनी इन्ही लापरवाह हरकतों के कारण सुर्खियों में चल रहा था की ऐसे में इस एक और हादसे ने नूरपुर अस्पताल की पूरी तरह से पोल खोल कर रख दी है ! इसी के चलते ज्वाली के भलाड़ क्षेत्र एक व्यक्ति दर्शन लाल ने नूरपुर थाने में शिकायत पत्र सौंपते हुए आरोप लगाया है कि सिविल अस्पताल नूरपुर में तैनात डॉक्टर व स्टाफ की बजह से उसकी गर्भवती पत्नी की मौत हो गयी। दर्शन लाल ने थाना प्रभारी को अपना शिकायत पत्र सौंपा !

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मुकेश कुमार(देवर)ने आरोप लगाते हुए कहा है कि उसकी भाभी सुष्मीताकर (23) गर्भवती थी व नूरपुर अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था उसकी सभी रिपोर्ट्स भी सामान्य थी। 27 जुलाई को शाम के समय उसको दर्द शुरू हुआ जिसके चलते प्रसूति के लिए उसको नूरपुर अस्पताल ले जाया गया।

28 जुलाई सुबह तक सब ठीक ठाक था लेकिन अंदर से अचानक मेरी भाभी की जोर जोर से चींखने की आवाजें आने लगी। जिनको सुनकर घबराकर जब परिजनों ने अंदर जाना चाहा तो उनको बाहर ही रोक दिया गया और कहा गया की जुड़वा बच्चे है समय लगेगा। कुछ देर ऐसे ही चलता रहा बाद में चिकित्सक ने हमें यह कहा कि सुष्मिताकर की हालत गम्भीर है इसे टांडा ले जाओ। जब हमारे परिजनों ने अंदर जाकर देखा तो उसके शरीर में लंबे चीरे लगे हुए थे । उसके बाद एम्बुलेंस मांगने पर अस्पताल द्वारा एम्बुलेंस भी मुहैया नही करवाई गई ! समय है इसे टांडा ले जाओ।

जब हमारे परिजनों ने अंदर जाकर देखा तो उसके शरीर में लंबे चीरे लगे हुए थे! समय की नजाकत को देखते हुए हम एक प्राइवेट एम्बुलेंस से  उसको पठानकोट के निजी अस्पताल ले गए। उन्होंने कहा कि सुष्मीताकर  के गर्भ से  हुए बच्चे की जानकारी भी उन्हें तब दी गई  जब हम पीड़िता को रैफर करवा एम्बुलेंस में डाल  कर ले जा रहे थे। उन्होंने कहा कि निजी अस्पताल पहुंचने से पहले ही मेरी भाभी ने दम तोड़ दिया।

परिवार वालों ने पुलिस को सौंपी शिकायत में गुहार लगाते हुए कहा कि अस्पताल में उक्त चिकित्सक व उसके साथ जो स्टाफ मौजूद था वो उसकी पत्नी की मौत के जिम्मेवार है तथा उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाए।

 इस संदर्भ में अस्पताल के प्रभारी डा. दिलवर सिंह ने फोन में बताया कि इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा ने जांच रिपोर्ट मांगी थी जो उनको सौंप दी गयी है। उन्होंने कहा कि महिला की मौत निजी अस्पताल में हुई है। उन्होंने कहा कि गर्भवती की डिलीवरी के दौरान उनका प्रसवोत्तर(पी.पी.एच) हो गया था जिसके चलते उसको रैफर किया गया।

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