जीडीपी ग्रोथ रेट जुलाई-सितंबर तिमाही में 4.5% रही

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ ग्रहण के कुछ दिन बाद कहा था कि हम देश की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर कर देंगे. लेकिन जिस तरह से देश की आर्थिक वृद्धि में गिरावट का सिलसिला जारी है, उससे देश के लिए इस संकल्प को पूरा करना दूर की कौड़ी लग रही है. विनिर्माण क्षेत्र में गिरावट और कृषि क्षेत्र में पिछले साल के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन से चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 4.5 प्रतिशत पर रह गई. यह छह साल का न्यूनतम स्तर है.विकास दर के आंकड़ों का विश्लेषण बताता है कि 5 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य नौ साल दूर है. अगर जीडीपी विकास दर 4.5% रही तो धीमी गति से भारतीय अर्थव्यवस्था विकसित होगी. मोदी सरकार ने कहा है कि 2025 तक भारतीय अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन डॉलर की हो जाएगी, लेकिन अगर जीडीपी विकास दर 4.5% रहेगी तो यह लक्ष्य पाने में 9 साल लगेंगे.बहरहाल, एक साल पहले 2018-19 की इसी तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 7 प्रतिशत थी. वहीं चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 5 प्रतिशत थी. वित्त वर्ष 2019-20 की जुलाई-सितंबर तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर का आंकड़ा 2012-13 की जनवरी-मार्च तिमाही के बाद से सबसे कम है. उस समय यह 4.3 प्रतिशत रही थी.

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