पूर्णाहुति के बाद शुरू हुआ गीता महोत्सव

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मंत्रोच्चारण और शंखनाद की गूंज के बीच अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का मंगलवार को शुभारंभ हुआ। इस दौरान मौजूद राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य और मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ब्रह्मसरोवर के पवित्र जल का आचमन कर पवित्र ग्रंथ गीता का पूजन कर नौ कुंडीय गीता यज्ञ में पूर्णाहुति डालकर महोत्सव की विधिवत रूप से शुरुआत की। आप को बता दे की गीता महोत्सव 8 दिसम्बर तक चलेगा। हालांकि सरस और शिल्प मेला 10 दिसम्बर तक चलेगा। वही ब्रह्मसरोवर तट इस मौके पर परंपरागत वाद्य यंत्रों की धुन से गूंज उठा। गीता के श्लोको के उच्चारण से पूरा माहौल गीता के रंग में रंग गया।  राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य, मुख्यमंत्री मनोहर लाल, उतराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, शिक्षामंत्री हरियाणा कवंरपाल गुर्जर, हिमाचल प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष राजीव बिंदल का थानेसर विधायक सुभाष सुधा, केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा भी इस मौके पर मौजूद रहे…. वही मेहमानों ने हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत के दर्शन किए और हरियाणवी व्यंजनों का स्वाद भी चखा। जिसके चलते उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने बताया कि धर्मनगरी कुरुक्षेत्र युद्ध भूमि के साथ साथ सद्भाव और शांति की भी भूमि है उन्होंने हरियाणा सरकार का धन्यवाद किया कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में उत्तराखंड को स्टेट पार्टनर बनाया गया है उन्होंने कहा कि यह बहुत खुशी की बात है इस तरह के आयोजनों से अन्य राज्यों की झलक देखने को मिलती है

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