गूगल ने अमरिंदर सिंह की मांग पर हटाया एप्प

0
145

गूगल ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की मांग पर प्ले स्टोर से अलगाववादी और भारत विरोधी मोबाइल एप्लीकेशन ‘2020 सिख रिफरेंडम’ को हटा दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि भारत में मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए गूगल प्ले स्टोर पर अब यह मोबाइल एप मौजूद नहीं है। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में केंद्र सरकार को भी गूगल पर दबाव बनाने की अपील की थी। इसके अलावा उन्होंने ‘आईसटैक’ द्वारा बनाई गई एप को लांच करने से पैदा होने वाले खतरे से निपटने के लिए राज्य के डीजीपी को भी केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ तालमेल करने के लिए कहा था। इस एप के जरिए आम लोगों को ‘पंजाब रिफरेंडम 2020 खालिस्तान’ के लिए वोट करने और ऐप के साथ खुद को रजिस्टर करने के लिए कहा गया था। इसी तर्ज पर ही एक वेबसाइट भी शुरू की गई थी। डीआईटीएसी लैब पंजाब में इस एप और वेबसाइट की जांच-पड़ताल के दौरान यह पाया कि इस एप के जरिए रजिस्टर्ड होने वाले वोटरों का डाटा  वेबसाइट के सर्वर के साथ जुड़कर स्टोर हो जाता है। इस वेबसाइट का निर्माण ‘सिखज फॉर जस्टिस’ द्वारा किया गया और इसके द्वारा ही इसे चलाया जाता है जबकि इस संगठन पर भारत सरकार ने पाबंदी लगाई हुई है। गूगल के लीगल सेल को भेजा गया था नोटिसपंजाब के साइबर क्राइम सेंटर के जांच ब्यूरो ने गूगल प्ले स्टोर से इस एप को हटाने और भारत में वेबसाइट को ब्लॉक करवाने के लिए जरूरी कदम उठाए। आठ नवंबर को गूगल प्ले स्टोर से यह मोबाइल एप तत्काल तौर पर हटाने के लिए गूगल लीगल सेल को सूचना प्रौद्यौगिकी अधिनियम की धारा 79 (3) बी के अंतर्गत नोटिस भेजा गया। अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) से मंजूरी हासिल करने के बाद विनती पत्र भारत सरकार के बिजली उपकरण और सूचना एवं प्रौद्यौगिकी विभाग के साइबल लॉ डिवीजन को भेजकर संबंधित कानूनों के अधीन गूगल प्ले स्टोर से यह एप हटाने और वेबसाइट को ब्लॉक करने की मांग की गई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here