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डिनोटिफाई किए गए रिड़कमार कालेज पर पुनर्विचार करे सरकार

शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के धारकंडी के रिड़कमार स्थित कालेज जिसे वर्तमान सरकार से डिनोटिफाई कर दिया है, उसे 10 दिन में बहाल नहीं किया गया तो लोग सड़कों पर उतरेंगे। कांग्रेस सरकार के मुखिया सुखविंद्र सिंह सुक्खू से सुख की आस थी, लेकिन सरकार जनता को दुख देने पर उतारू है। यही नहीं शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के 4 संस्थानों को डिनोटिफाई करने के मुद्दे पर जिला पार्षदों ने भी चुप्पी साध रखी है। यह बात भडियाड़ा वार्ड से जिला पार्षद जोगिंद्र सिंह उर्फ पंकू ने शनिवार को प्रेसवार्ता में कही। उन्होंने कहा कि कांगे्रस को धारकंडी क्षेत्र से चुनाव में 6000 की लीड मिली थी, उसका तोहफा कालेज बंद करके दिया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चुनावों से पहले 10 गारंटियां दी थी, उन्हें पूरा करना तो दूर अब सरकार संस्थानों को डिनोटिफाई करती जा रही है। उन्होंने कहा कि शाहपुर के विधायक ने भी डिनोटिफाई किए गए संस्थानों को लेकर अपना पक्ष जनता के समक्ष नहीं रखा है। जोगिंद्र सिंह पंकू ने कहा कि धारकंडी क्षेत्र से हर वर्ष 400 के करीब स्टूडेंटस जमा दो की पढ़ाई पूरी करके कालेज में प्रवेश लेते हैं, जिन्हें रिड़कमार कालेज की सुविधा मिलनी थी, लेकिन सरकार ने बच्चों से यह सुविधा ही छीन ली। एक ओर सरकार आर्थिक तंगी का हवाला दे रही है, वहीं अधिकारियों के लिए इलेक्ट्रिक गाडिय़ां खरीदने के लिए पैसा कहां से आ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार 10 दिन के भीतर डिनोटिफाई किए गए रिड़कमार कालेज पर पुनर्विचार करे, अन्यथा लोग सड़कों पर उतरेंगे।

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