Thursday , February 22 2024
Breaking News

हरियाणा सरकार ने युवाओं को ठेकेदारी प्रथा से दिलाई मुक्ति- मुख्यमंत्री।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने युवाओं को ठेकेदारी प्रथा से मुक्ति दिलाते हुए हरियाणा कौशल रोजगार निगम का गठन किया है। इसके माध्यम से शैक्षणिक योग्यता, आय इत्यादि सहित विभिन्न मानदंडों पर पारदर्शी तरीके से नौकरी दी जा रही है और ई.पी.एफ., ई.एस.आई, लेबर वेलफेयर फंड आदि का भी लाभ दिया जा रहा है। पहले से अनुबंध आधार पर कार्यरत 1.08 लाख से अधिक मैनपावर को निगम में समायोजित किया गया है। इसके अलावा अनुबंध आधार पर 17,785 नए कर्मी भर्ती किए गए हैं।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रविवार को सीएम की विशेष चर्चा कार्यक्रम के तहत ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत लगे कर्मचारियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि पिछले 9 वर्ष में वर्तमान राज्य सरकार ने 1 लाख 10 हजार युवाओं को बिना खर्ची व पर्ची के योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी है। साथ ही, आगामी 6 माह में 60 हजार और भर्तियां करने जा रही है।

उन्होंने कहा कि ठेकेदारों के माध्यम से अनुबंध आधार पर काम कर रहे कर्मचारियों को पूरा वेतन नहीं मिलता था। ई.पी.एफ., ई.एस.आई, लेबर वेलफेयर फंड आदि की सुविधा नहीं दी जाती थी। इस प्रकार की कई शिकायतें सरकार को मिलती थी और विभिन्न कर्मचारी संघों की मांग भी थी कि ठेकेदारी प्रथा को बंद किया जाए। कभी कभी तो ठेकेदारों और विभाग के बीच एक नैक्सस बन जाता था कि संख्या कुछ और बताई जाती थी जैसे कि 50 पदों की मंजूरी ली जाती थी और वेतन भी 50 पदों का ही जारी किया जाता था, लेकिन वास्तव में 40 या 45 को काम पर रखा जाता था। कभी-कभी तो नाम किसी का दिखाया जाता था और काम करने के लिए किसी अन्य व्यक्ति को भेज दिया जाता था। उदाहरण के तौर पर रामचन्द्र का नाम बताया जाता था, लेकिन श्याम प्रसाद काम करता था और पैसे किया और मोहन प्रसाद को पैसे मिल गए।

इस प्रकार सरकार को और व्यक्तियों को नुकसान होता था। इसलिए राज्य सरकार ने ठेकेदारी प्रथा को समाप्त कर एचकेआरएन बनाया।उन्होंने कहा कि निगम के तहत लगाये गये सभी अनुबंधित कर्मचारियों को ई.पी.एफ., ई.एस.आई., लेबर वेलफेयर फंड आदि की सुविधाएं दी जाती हैं। यही नहीं, कर्मचारियों का वेतन निगम द्वारा सीधे उनके बैंक खातों में डाला जाता है। निगम के तहत कर्मियों को सालाना 10 आकस्मिक अवकाश और 10 मेडिकल अवकाश का प्रावधान भी किया है। महिला कर्मचारियों के लिए मातृत्व अवकाश की सुविधा भी दी गई है। इतना ही नहीं, हमने उन कर्मचारियों को आयुष्मान भारत-चिरायु योजना का लाभ भी देना शुरू कर दिया है, जिनके परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये तक है। इसके लिए 1500 रुपये सालाना मामूली अंशदान लिया गया है।

अब ऐसे परिवारों को 5 लाख रुपये तक का सालाना मुफ्त इलाज मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष से हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से प्राइवेट सेक्टर में भी मैनपावर की नियुक्ति के लिए युवाओं की पहचान की है। इसके लिए उनका कौशल प्रशिक्षण किया जाता है तथा प्राइवेट सेक्टर में नियुक्ति में मदद करने की सेवाएं शुरू कर दी हैं।उन्होंने कहा कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम के डेटा बेस में विभिन्न प्रकार की कौशल युक्त मैनपावर बड़ी संख्या में उपलब्ध है। इससे निजी क्षेत्र के उद्योगों को उनकी जरूरत के अनुसार मैनपावर मिलेगी, उनकी कौशल प्रशिक्षण लागत में भी कमी आएगी। साथ ही युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम विदेशों में भी विभिन्न कार्यों के लिए मैनपावर उपलब्ध करवाने का काम करता है। विदेशों में मैनपावर की बड़ी मांग है। हमारे बहुत से युवा गलत तरीके से और एजेंटों के माध्यम से लाखों रुपये खर्च करके विदेशों में रोजगार प्राप्त करने जाते हैं। कई मामलों में उनके साथ धोखा भी होता है। कई युवा जीवन जोखिम में डालकर डोंकी के माध्यम से विदेश जाते हैं। हमने युवाओं को विदेशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए विदेश सहयोग विभाग स्थापित किया है। हम हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से भी युवाओं को विदेश में रोजगार पाने में मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में इजराइल, दुबई और युनाइटेड किंगडम द्वारा मैनपावर की मांग की गई है। इसके लिए हरियाणा कौशल रोजगार निगम ने विज्ञापन निकाला है, जिसमें इन देशों के लिए निर्माण श्रमिकों, सिक्योरिटी गार्ड, स्टाफ नर्स आदि के काम के लिए 10 हजार मैनपावर की आवश्यकता बताई गई है।

इसमें 25 से 40 साल की आयु के इच्छुक युवाओं को निगम के पोर्टल पर पंजीकरण करने को कहा गया है। यह पहली बार हो रहा है कि कोई राज्य सरकार अपने युवाओं को विदेश में रोजगार पाने में सीधे ही मदद कर रही है। उन्होंने प्रदेश के युवाओं से अपील की कि वे कबूतरबाजी, डोंकी व अन्य गलत तरीके से विदेश भेजने वाले एजेंटों के झांसे में न आएं। इससे उनका पैसा और जान दोनों का ही जोखिम होता है। विदेश जाने के इच्छुक हैं तो अपना कौशल निखारें और कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए पूरे मनोबल के साथ विदेश में जाएं। राज्य सरकार आपकी पूरी मदद करेगी। इसके तहत भर्तियों में एस.सी., ओ.बी.सी. आदि श्रेणी के लिए आरक्षण का भी पूरा प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम अब सरकारी क्षेत्र में अनुबंध आधार पर मैनपावर की नियुक्ति के लिए प्राथमिक स्रोत बन गया है। हरियाणा कौशल रोजगार निगम परिभाषित मानदंडों के आधार पर मैनपावर को नियुक्त करता है, जिसका प्राथमिक मापदंड न्यूनतम योग्यता का आधार और पात्र आवेदक के परिवार की आय की स्थिति है।

अब यह पोर्टल hkrnl.itiharyana.gov.in हमने सभी के लिए खोल दिया है। इस पर कोई भी पंजीकरण करवा सकता है। सभी इच्छुक युवाओं से अनुरोध है कि आप शीघ्र से शीघ्र पोर्टल पर अपना पंजीकरण करें। पोर्टल पर पंजीकृत उम्मीदवारों में से कर्मचारियों का रोजगार के लिए चयन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सबसे पहले निगम के माध्यम से उन योग्य उम्मीदवारों को रोजगार के अवसर प्रदान किए, जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय 1 लाख रुपये से कम थी। अगली वरीयता उन रोजगार योग्य उम्मीदवारों को दी गई, जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय 1 लाख रुपये से अधिक और 1 लाख 80 हजार रुपये तक थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023-24 में हमने 2 लाख बेरोजगार युवाओं को राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचे के लिए कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए हरियाणा कौशल विकास मिशन के माध्यम से विशिष्ट प्रशिक्षण और पाठ्यक्रम चलाए जा रहे हैं। अभी तक 80 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है ताकि वे अपने पैरों पर खड़े हो सकें। साथ ही, युवाओं को आधुनिक रोजगारपरक विषयों का शिक्षण व प्रशिक्षण उपलब्ध करवाने के लिए हमने श्री विश्वकर्मा कौशल विकास विश्वविद्यालय की स्थापना भी की है।

About admin

Check Also

Haryana News

सरप्लस बरसाती पानी के सदुपयोग को लेकर राजस्थान व हरियाणा के बीच हुआ DPR बनाने का समझौता….

चंडीगढ़। मानसून में जुलाई से अक्टूबर के दौरान, जो बरसाती पानी नदी के ज़रिए समुद्र …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *