देश के हर राज्य को केजरीवाल जैसा मुख्यामन्त्री मिल जाये तो भारत देश तरक्की में अमेरिका जैसे देशों को भी पीछे पछाड़ सकता है।दिल्ली के विधान सभा चुनाव को लेकर जहां पर दिल्ली राज्य की जनता में रोचकता बनी है वही पर देश के अन्य राज्यो की नजर भी 8 फरवरी के होने वाले विधानसभा चुनाव पर है।भाजपा के 6 वर्ष के शासनकाल में व जिन राज्यो में बीजेपी सत्तासीन है और अपने कार्यकाल में बीजेपी विकास कराने की जगह विनाश जैसी कुरीतिपूर्ण कार्यप्रणाली द्वारा जनता में दहशत फैला रखा है इससे जनता अब जागरूक हो चुकी है।देश के शांतिपूर्ण माहौल में धर्म जाति के नाम पर साम्प्रदायिकता फैलाना ,और देश की जनता को तोड़ने के लिए जबरन कुछ एक अनवयशक बिल पास करना,जिसकी अभी देश की जनता को आवश्यकता नही थी।बहुत से जनता विरोधी कार्य भजपा ने आज तक किए है। हालांकि मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद स्टॉक मार्केट में गिरावट आई है, रुपये का अवमूल्यन हुआ है. यही वजह है कि सरकार के आशावादी रुझान और बाज़ार के रुझान में तालमेल नहीं दिख रहा है । भाजपा ने शता में आने से पूर्व जनता को लुभाने के लिए जो भी घोषणाएं की थी सभी कार्य इन घोषणाओं के विपरीत किये।देश की गिरती अर्थव्यवस्था,और बेरोजगारी की दर 45 साल के सर्वोच्च स्तर पर है.जारी आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान देश में बेरोजगारी की दर 6.1 फीसदी रही। दिल्ली के विधान सभा चुनाव में जनता के रुझान देखकर यह तो निशचित हो चुका है कि जनता अब जागरूक हो चुकी है उन्हें मन्दिर ,मस्जिद,जाती-धर्म व झूठे जुमलो से अब कोई भी पार्टी रिझा नही सकती नाहि डर का माहौल पैदा कर उनके आंदोलन को दबाया जा सकता है वह चाहे फिर छात्र आंदोलन ही कियूं न हो और यह बात तय है कि हिमाचल में भी युवाओं में अब यही सोच बन चुकी है कि उन्हें भी काश केजरीवाल जैसे मुख्यामन्त्री मिलते प्रदेश की अर्थव्यवस्था ही बदल जाती।जबकि हिमाचल में विधुत प्रोजेक्ट व सीमेंट उद्योग सबसे ज्यादा है परंतु न बिजली के दरे कम है नाहि सीमेंट सस्ते दाम में मिलता है और हिमाचल की जनता को रोजगार देने की अपेक्षा बाहरी राज्यो के लोगो को रोजगार मिलता है।जनता ने कोंग्रेस और बीजेपी दोनों सरकार से आजतक अपना हक दिलाने की बात की आंदोलन भी किये परन्तु बहरी सरकारों ने कोई सुनवाई नही की।बस अपनी पार्टी के चहेतो के विकास में ही लगी रही। सेंटर में भाजपा होने के वावजूद भी भाजपा द्वारा केजरीवाल सरकार के कार्यो में कई अड़ंगे डालने के वावजूद भी दिल्ली के मुख्यामन्त्री ने दिल्ली में विकास कार्य कर जनता में अपनी बेहतर छवि बनाई है जिसका नतीजा है कि अब देश की जनता को प्रधानमंत्री हो या मुख्यामन्त्री पढ़ा लिखा समझदार केजरीवाल जैसा चाइये।क्याश लगाए जा रहे है कि 8 फरवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव में शतप्रतिशत परिणाम आप के हक में होगा जोकि विरोधी दलों के लिए बहुत बड़ा झटका होगा।

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