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मज़दूर विरोधी मोदी सरकार को अगले साल सत्ता से हटाना ज़रूरी- तपन सेन

सीटू की राज्य स्तरीय दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला शनिवार को सौली खड्ड मंडी में शुरू हुई जिसकी अध्यक्षता कॉमरेड विजेंदर मेहरा ने की जिसमें सभी जिलों और यूनियनों के अस्सी लोग भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण कार्यशाला का उदघाटन सीटू के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व सांसद तपन सेन ने किया। उन्होंने अपने उदघाटन संबोधन में कहा कि केंद्र की मोदी सरकार मज़दूरों का अस्तित्व ही ख़त्म करने की नीति लागू कर रही है।

जिसके चलते स्थायी रोज़गार के बजाए अस्थाई और अनुबंध किस्म का रोज़गार दिया जा रहा है और अब सरकार ने इसे पार्ट टाइम, अप्रेंटिशिप् और अब ऑनलाइन एप पर कुछ समय और कुछ घण्टों के लिए रोज़गार दिया जा रहा है।अब इनमें काम करने वाले मजदूरों को न्यून्तम वेतन और अन्य सुविधाओं की कोई गारंटी नहीं है।मोदी सरकार ने इस सारे काम को क़ानूनी वैधता देने के लिए श्रम कानूनों को समाप्त कर दिया गया है और अब श्रम सहिंता बनाई गई है लेकिन ट्रेड यूनियनों के विरोध के कारण उन्हें केंद्र सरकार लागू नहीं कर पा रही है। इसलिए मज़दूरों को संगठित होकर अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों में इस सरकार को हराने के लिए काम करना ज़रूरी है।इसलिए सभी मज़दूरों को यूनियन में सँगठित करने की ज़रूरत है और ज्यादा से ज़्यादा यूनियनें बनानी होगी और उसके आधार पर आने वाले समय में संघर्ष तेज़ करने होंगे।

सीटू सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण और श्रम कानूनों को निरस्त करने का विरोध करने के लिए 25,26 और 27 नवंबर को शिमला में तीन दिन महापड़ाव करने जा रहे हैं और उसके बाद मोदी हटाओ -देश बचाओ अभियान चलाया जाएगा जिसके लिए आज के प्रशिक्षण कार्यक्रम में सीटू से सबंधित यूनियनों के नेतृत्व को प्रशिक्षित किया जा रहा है।आज की कार्यशाला में रास्ट्रीय केंद्र के डॉक्टर कश्मीर सिंह ठाकुर,केएन उमेश, प्रेम गौतम, रविन्द्र कुमार इत्यादि ने भी अलग-अलग विषयों पर परिभागियों को जानकारी प्रदान की गई।

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