जगतराम ने पनचक्की को बदला बिजली प्रोजेक्ट में

0
13

दिल में अगर कुछ करने का जज्बा हो तो इंसान कुछ भी कर सकता है। ऐसा ही एक करिश्मा बिलासपुर और सोलन जिला की सीमा पर कैंचीमोड़ (असलू) के रहने वाले जगतराम ठाकुर ने कर दिखाया है। स्वर्गीय गोपाल राम के इस होनहार बेटे ने ऐसा करिश्मा किया है कि लोग हैरान हो जाते हैं… कैंचीमोड़ (असलू) में स्वर्गीय गोपालाराम के घराट को अब उनका पुत्र जगतराम ठाकुर चला रहा हैं…  इस पुश्तैनी धरोहर को जीवित रखने के लिए जगतराम ने घराट के साथ धान की मशीनें भी लगाई हैं। अहम बात यह है कि वे भी पानी से ही चलती हैं। दिन-रात मेहनत करके जगतराम ‘ठाकुर घराट स्पेशल’ के नाम से घराट का पौष्टिक आटा न केवल सोलन व बिलासपुर के दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचा रहे हैं, बल्कि इसी घराट से बिजली भी पैदा कर रहे हैं…. जगतराम ठाकुर ने रुड़की के एक संस्थान से ट्रेनिंग लेनी भी शुरू की, लेकिन 1990 में पिता की मौत के बाद परिवार के पालन-पोषण की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर आ गई… उन्होंने घराट के काम को आगे बढ़ाया और साथ ही आय में बढ़ोतरी के लिए धान की मशीनें भी लगाई…

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here