सरकारी खजाने को लगी करोड़ों की चपत

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प्रदेश में राशनकार्ड धारकों को सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन द्वारा वितरित किए जाने वाले सस्ते तेल के नाम पर करीब 8 करोड़ रुपए का नुकसान सीधे तौर पर सरकारी खजाने को हुआ है। अब यह नुकसान हुआ है, …. या जानबूझ कर करवाया गया है.. इस करोड़ों के नुकसान से किस का फायदा करवाया गया है।  यह आरोप कांग्रेस विधायक राजेंद्र राणा ने हमीरपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान लगाए । राणा ने कहा कि सरसों और सोयाबीन के तेल की  खरीद को लेकर सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन की कारगुजारी सवालों के कटघरे में है और इसकी जांच सरकार को करवानी चाहिए । उन्होने कहा कि पार्टी इस मुददे पर सरकार से आगामी विधानसभा सत्र में भी प्रश्न करेगी । राणा ने कहा कि सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन  ने जनवरी 2020 को प्रतिमाह खरीदा जाने वाला सरसों का तेल व सोया रिफाइंड की खरीद के लिए विभाग ने ई-टेंडर निकाला था और यह टेंडर 27 जनवरी 2020 को खोला गया। इस करोड़ों के टेंडर में टेक्निकल बिड डालने की अंतिम तिथि 17 जनवरी को थी। जबकि इसकी  फाइनेंशियल बिड 27 जनवरी को खुली थी। राणा ने मांग की है कि सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन लिमिटेड की इस घोर लापरवाही व कोताही की सरकार तत्काल प्रभाव से जांच करे ताकि पहले से ही सब्सिडी पर दिए जा रहे इस तेल के खेल का माजरा क्या है। तेल के खेल के माजरे मे किस-किस ने रंगदारी की है। जिसमें सरकार के खजाने को करोड़ों रुपए का चूना लगवाया गया है।

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