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वर्ष 2016 से अब तक राज्य में किसी भी व्यक्ति की मृृत्यु मलेरिया से नहीं हुई- अनिल विज

हरियाणा के स्वास्थय एंव परिवार कल्याण मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि मलेरिया को समाप्त करने की दिशा में राज्य के सात जिलों को वर्ष 2021 के दौरान ‘ज़ीरो इंडीजीनियस केस स्टेटस’ प्राप्त हुआ है अर्थात राज्य के इन सात जिलों में रहने वाले हरियाणा के निवासियों में मलेरिया बीमारी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 से अब तक राज्य में किसी भी व्यक्ति की मृृत्यु भी मलेरिया से नहीं हुई है। इसके अलावा, श्री विज ने कहा कि राज्य में वेक्टरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रदेश के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में फॉगिंग करवाई जाएगी और राज्य में मलेरिया व डेगूं के मरीजों की सुविधा के लिए नागरिक अस्पतालों में डेडीकेटिड वार्ड व बेड भी आरक्षित रखे जाएंगें।
श्री विज आज यहां राष्ट्रीय वेक्टरजनित बीमारी नियंत्रण कार्यक्रम, हरियाणा के संबंध में एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में स्वास्थय एंव परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोड़ा उपस्थित थे।
उन्होंने कहा कि हरियाणा से मलेरिया को समाप्त करने के लिए विभिन्न कदम उठाये गये हैं जिसके तहत वर्ष 2021 के दौरान सात जिलों नामतः अंबाला, भिवानी, जींद, कैथल, रोहतक, करनाल, कुरूक्षेत्र को ‘ज़ीरो इंडीजीनियस केस स्टेटस’ प्राप्त हुआ है। इसके अलावा, वर्ष 2019 से लगातार तीन वर्षों से कैथल जिला को ‘ज़ीरो इंडीजीनियस केस स्टेटस’ और पिछले दो वर्षों से अंबाला व जींद को ‘ज़ीरो इंडीजीनियस केस स्टेटस’ प्राप्त हुआ है।

राज्य के 331 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों ने ‘ज़ीरो इंडीजीनियस केस स्टेटस’ किया हासिल

बैठक के दौरान मंत्री को अवगत कराया गया कि वर्ष 2021 के दौरान राज्य के 331 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों ने भी ‘ज़ीरो इंडीजीनियस केस स्टेटस’ हासिल किया है।  इसके अलावा, वर्ष 2016 से अब तक मलेरिया से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुई है। बैठक में बताया गया कि इस वर्ष 8 जुलाई तक मलेरिया के केवल पांच मामलेे आए हैं जबकि पिछले वर्ष 8 जुलाई तक 10 मलेरिया के मामले थे अर्थात मलेरिया का प्रकोप नीचे जा रहा है। बैठक के दौरान 31 मार्च, 2024 तक चार वेक्टरजनित बीमारियों जैसेकि मलेरिया, डेगूं, चिकनगुनिया, जापानी बुखार को अधिसूचित किया गया है और सभी सार्वजनिक/निजी अस्पतालों व प्रयोगशालाओं द्वारा इसकी जानकारी राज्य को देनी होगी।

केन्द्र सरकार ने मलेरिया मुक्त मेवात अभियान की प्रशंसा

बैठक के दौरान श्री विज को अवगत कराया गया कि मलेरिया मुक्त मेवात अभियान की शुरूआत 4 सिंतबर, 2019 को हुई थी। इसके बाद 1 अप्रैल, 2021 इसके दूसरे अभियान की शुरूआत की गई जिसके तहत व्यापक स्तर पर स्क्रीनिंग की गई। बैठक में बताया गया कि पहले अभियान के तहत उजीना, सुडाका, बाई और नूंह जैसे हाई रिस्क क्षेत्रों में 1.34 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई जिसमें 252 मलेरिया के पॉजीटिव मामले पाये गये। इसी प्रकार, दूसरे अभियान के दौरान उजीना, सुडाका और बाई में 71 हजार लोगों की स्क्रीनिंग की गई जिसके अर्तगत मलेरिया का कोई भी मामला उजागर नहीं हुआ। इस अभियान की केन्द्र सरकार द्वारा भी प्रंशसा की गई है। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2019-2020 में मच्छरों के काटने व उनके फैलने को नियंत्रित करने के लिए हाई रिस्क गांवों में लगभग 4.86 लाख इनसेक्टीसीडल बेड नेटस वितरित किये गये। 

राज्य में 27 डेगूं टेस्टिंग लैब संचालित, पांच जिलों में सिंगल डोनर प्लेटलेटस की सरकारी अफेरेसिस सुविधा उपलब्ध

इसी प्रकार, बैठक के दौरान डेगूं बीमारी के संबंध में अवगत कराया गया कि राज्य में 27 डेगूं टेस्टिंग लैब संचालित हैं, जिसके अंतर्गत प्रत्येक जिले में एक लैब स्थापित की गई है। इसके अलावा, निजी अस्पतालों व लैब को डेगूं टेस्ट के लिए अधिकतम 600 रूपये लेने के लिए सीमित किया गया है। बैठक में यह भी बताया गया कि राज्य के नागरिक अस्पतालों में भर्ती डेगूं के मरीजों के लिए सिंगल डोनर प्लेटलेटस निःशुल्क उपलब्ध करवाने का प्रावधान है जिसके अंतर्गत वर्ष 2021 के दौरान 131 डेगूं मरीजों को सिंगल डोनर प्लेटलेटस निःशुल्क उपलब्ध करवाये गये जबकि इससे पिछले वर्षों में 8500 रूपये प्रति यूनिट शुल्क लिया जाता था। बैठक में यह भी बताया गया कि आपात स्थिति के दौरान नागरिक अस्पतालों में भर्ती डेगूं व चिकनगुलिया के मरीजों हेतू निजी अस्पतालों से सिंगल डोनर प्लेटलेटस की व्यवस्था की जाती है तो 11 हजार रूपये की प्रतिपूर्ति सरकार द्वारा की जाती है। बैठक में यह भी बताया गया कि राज्य के पांच जिलों नामतः पंचकुला, गुरूग्राम, रोहतक, करनाल व सोनीपत में सिंगल डोनर प्लेटलेटस की सरकारी अफेरेसिस सुविधा उपलब्ध है जिन्हें सभी जिलों के साथ मैप किया गया है। 

प्रदेश के 7169 तालाबों व जोहड़ों में गंबूज़िया मछलियों को छोड़ा

बैठक में यह भी बताया गया कि बुखार की जांच, मच्छर के लारवा की उत्पति, इत्यादि गतिविधियों को घर-घर जाकर टीमों द्वारा जांच किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, लारवा को समाप्त करने के लिए राज्य में संचालित 112 फिश हेचरीज़ संचालित हैं जिसके अंतर्गत 7169 तालाबों व जोहड़ों में गंबूज़िया मछलियों को छोड़ा गया है जो लारवा को खा जाती है। 
बैठक में राष्ट्रीय वेक्टरजनित बीमारी नियंत्रण कार्यक्रम, हरियाणा की वार्षिक रिपोर्ट 2021 को भी स्वास्थय मंत्री श्री अनिल विज ने जारी किया। 
बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थय मिशन, हरियाणा के प्रंबध निदेशक श्री प्रभजोत सिंह, स्वास्थय सेवाएं विभाग की महानिदेशक डॉ. वीणा सिंह, स्वास्थय सेवाएं (वेक्टर जनित बीमारी), हरियाणा डॉ. उषा गुप्ता सहित स्वास्थय विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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