CAA और NRC ही नहीं NPR की भी है तैयारी

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नागरिकता संशोधन कानून  और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन  पर देशभर में मचे घमासान के बीच मोदी सरकार नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर की ओर कदम बढ़ा रही है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसके लिए कैबिनेट से 3,941 करोड़ रुपये की मांग भी की है. NPR का उद्देश्य देश के सामान्य निवासियों का व्यापक पहचान डेटाबेस बनाना है. इस डेटा में जनसांख्यिंकी के साथ बायोमेट्रिक जानकारी भी होगी. हालांकि, CAA और NRC की तरह गैर-बीजेपी शासित राज्य इसका भी विरोध कर रहे हैं और इसमें सबसे आगे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हैं. CAA और NRC को लेकर मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने वालीं ममता बनर्जी ने तो बंगाल में NPR पर जारी काम को भी रोक दिया है.इसके अलावा केरल की लेफ्ट सरकार ने भी एनपीआर से संबंधित सभी कार्यवाही रोकने का आदेश दिया है. मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि सरकार ने एनपीआर को स्थगित रखने का फैसला किया है क्योंकि आशंका है कि इसके जरिए NRC लागू की जाएगी.ममता बनर्जी पहले यह लगातार कहती रही हैं कि वो अपने राज्य में NRC और नागरिकता संशोधन क़ानून लागू नहीं होने देंगी, लेकिन उन्होंने NPR को लेकर भी अपना रुख साफ कर दिया है. दरअसल, घुसपैठ की समस्या असम से ज्यादा पश्चिम बंगाल में है. 1971 में बांग्लादेश के गठन के साथ ही वहां से बड़ी संख्या में लोग यहां आए.

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