पार्वती परियोजना में अस्थाई रोज़गार को लेकर पिछले एक सप्ताह से चल रहा क्रमिक अनशन

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पार्वती परियोजना में अस्थाई रोज़गार को लेकर पिछले एक सप्ताह से चल रहा क्रमिक अनशन शुक्रवार को भी बदस्तूर ज़ारी रहा l आठवें दिन के अनशन में सुबह ही लारजी पंचायत के सैंकड़ों लोग बिहाली स्थित परियोजना के कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए और परियोजना प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेवाज़ी की l शुक्रवार को क्रमिक अनशन में पंचायत प्रधान कांता देवी, बार्ड सदस्या बेलवंती तथा विद्या देवी ने अगले चौबीस घंटों के लिए भाग लिया l ग्रामीणों ने परियोजना प्रबंधन के साथ-साथ प्रदेश सरकार को भी आड़े हाथों लिया l पंचायत प्रधान एवं अनशन का नेतृत्त्व कर रही कांता देवी ने कहा कि ग्रामीणों की लड़ाई परियोजना का निर्माण कर रही एनएचपीसी कंपनी से है लेकिन इस मसले पर सरकार की बेरुख़ी चिंताजनक है l वार्ड सदस्या आरती देवी, निर्मला, बेलवंती, पूर्व उपप्रधान हेमराज शर्मा तथा विस्थापित नेता झाबे राम ने कहा कि परियोजना में रोज़गार मांगना ग्रामीणों का अधिकार है जिसका प्रदेश सरकार व प्रशासन को सहयोग करना चाहिए लेकिन एनएचपीसी की तरह लोगों द्वारा चुनी हुई सरकार व प्रशासन द्वारा प्रभावितों की मांगों को अनदेखा करना दुर्भाग्यपूर्ण है l ऊधर मंडी संसदीय क्षेत्र के युवा कांग्रेस अध्यक्ष एवं विधानसभा चुनावों में बंजार विस के कांग्रेस प्रत्याशी रहे आदित्यविक्रम सिंह एवं घाटी के तमाम पंचायत प्रतिनिधियों के अनशन स्थल पर पहुँचने से माहौल काफ़ी गर्म रहा l आदित्यविक्रम सिंह ने अनशनस्थल पर बैठे लोगों से मिलने के बाद एनएचपीसी अधिकारियों को परियोजना कार्यालय के प्रांगण में एकत्रित किया और लोगों की मांग को जायज़ ठहराते हुए एनएचपीसी को चेतावनी दी कि अगर लारजी पंचायत की समस्या हल नहीं भुई तो अनशन उग्र आन्दोलन का रूप लेगा l कांग्रेस नेता आदित्यविक्रम सिंह केर साथ पंचायत समिति सदस्या देहुरीधार जयबन्ती, धाउगी की मीरा देवी, तलाड़ा की रुमा देवी, सुचैहन के राम दास, पंचायत प्रधानों निर्मला देवी, ओम प्रकाश, निर्मायणा देवी, नरेश कुमार, किरना देवी, सुनीता देवी तथा उपप्रधान मोहर सिंह, सेस राम सहित घाटी के विभिन्न पंचायत प्रतिनिधियों ने अनशन स्थल पर प्रभावितों को संबोधित करते हुए कहा कि लोगों की मांग जायज़ है जिसके लिए सरकार और प्रशासन को भी आगे आना चाहिए l आदित्यविक्रम सिंह ने अनशन में बैठी लारजी पंचायत का समर्थन करते हुए कहा कि एनएचपीसी कंपनी के लिए अस्थाई रोज़गार देना चुटकी का काम है लेकिन सरकार और प्रशासन की मंशा सही नहीं l उन्होंने स्थानीय विधायक पर तंज कसते हुए कहा कि जिस हर सुख-दुःख में साथ देने का वादा करने बाले आठ दिनों से अनशन में बैठे लोगों की सुध नहीं ले रहे हैं जो दुर्भाग्यपूर्ण है l कांग्रेस नेता सहित घाटी के सभी पंचायत नुमाईन्दों ने कहा कि प्रदेश सरकार और प्रशासन को एनएचपीसी से बात करके परियोजना में महत्वपूर्ण योगदान देने बाले प्रभावित परिवारों के लिए अस्थाई रोज़गार का प्रावधान करना चाहिए l

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