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उत्तरकाशी टनल में फंसे श्रमिकों का आज 11वां दिन भी बचाव अभियान जारी

दिवाली जैसे पावन त्यौहार के दिन उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में तड़के बेहद खौफनाक घटना देखने को मिली थी। उत्तरकाशी टनल में कई लोगों की जान संकट में हैं। आपको बता दे कि दिवाली के दिन यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिलक्यारा से डंडालगांव तक निर्माणाधीन सुरंग के अंदर भूस्खलन होने से यहां काम कर रहे लगभग 41 मजदूर फंसे हैं और प्रशासन द्वारा टनल में फंसे श्रमिकों की जान बचाने के लिए बचाव अभियान जारी है।

वही, बीते कल उत्तरकाशी टनल में 10 दिनों से फंसे 41 मजदूरों के फोटो और वीडियो सामने आए हैं। वही, सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को बीते कल (मंगलवार को) छह इंच के पाइप से फल भेजे गए हैं। अंदर फंसे मजदूरों के परिजनों का कहना है कि उन्हें खुशी है कि अंदर फंसे सभी लोग सुरक्षित हैं और उन्हें आज दसवें दिन फल भेजे गए हैं। वहीं, परिजनों ने श्रमिक से बात भी की।

आज 11वें दिन भी टनल में फंसे श्रमिकों को सुरंग से बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और उन श्रमिकों के बचाव के लिए सरकार द्वारा देश के कोने-कोने से मशीनों को एयरलिफ्ट किया गया है। जिसके चलते उत्तरकाशी में लगातार दिन रात ड्रिलिंग का काम जारी है। वही, उम्मीद की जा रही है बुधवार देर रात या फिर गुरूवार की सुबह तक टनल में फंसे 41 मजदूर इस टनल से बाहर आ सकते हैं। उत्तरकाशी सुरंग हादसे में फंसे 41 मजदूरों को निकालने के लिए जारी रेस्क्यू ऑपरेशन अब अपने आखिरी पड़ाव है। उम्मीद की जा रही है बुधवार रात या फिर गुरूवार सुबह तक मजदूरों को सही सलामत बाहर निकाल लिया जाएगा।

आज फिर टनल में फंसे श्रमिकों से दुबारा बातचीत की गई। वही, माइक्रो टनलिंग विशेषज्ञ क्रिस कूपर ने कहा कि अभियान सफलता की ओर बढ़ रहा है। सुबह टेलिस्कोपिक कैमरा के जरिए उन्हें देखा गया और उनसे बात भी की गई और साथ ही भोजन सामग्री भी भेजी गई है। जल्द ही अच्छी खबर मिलेगी।

हालांकि, अभी उम्मीद लगाई जा रही हैं कि टनल में फंसे सभी श्रमिकों को जल्द से जल्द निकाल लिए जाएगा। श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के कार्य लगातार जारी हैं। वही, श्रमिकों को जल्द से जल्द और सुरक्षित बाहर निकालने के लिए कार्य ने मंगलवार से रफ्तार पकड़ ली है। बीते कल पूरे दिन से लेकर बुधवार यानी आज सुबह आठ बजे तक श्रमिकों को सुरंग से बाहर निकालने के लिए 800 एमएम व्यास के पाइप करीब 32 मीटर तक मलबे में डाले जा चुके हैं। वही, अभी कोशिश जारी हैं सभी मजदूरों को सही सलामत टनल से बाहर निकालने की।

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