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समालखा बीजेपी चेयरमैन प्रत्याशी ने नामांकन एफिडेविट में छिपाया अपराधिक केस : डॉ. सुशील गुप्ता

बीजेपी के समालखा चेयरमैन प्रत्याशी के खिलाफ गंभीर धाराओं के साथ केस दर्ज है। जबरन वसूली के मामले में बीजेपी उम्मीदवार नामजद है।2017 में वे इसी मामले में 1 साल जेल में भी रह चुके हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 12 जुलाई को है। ऐसे गंभीर अपराध में नामजद होने के बावजूद भी खट्टर सरकार ने उन्हें समालखा से उम्मीदवार बनाया है। ये बात मंगलवार को आम आदमी पार्टी के राज्य प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद डॉ सुशील गुप्ता ने कही। वे पानीपत में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार जनता को ठगने का काम कर रही है। समालखा बीजेपी उम्मीदवार के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज होने के बावजूद भी बीजेपी सरकार ने उन्हें उम्मीदवार बनाया। ऐसे मामलों में 10 साल से ज्यादा की सजा हो सकती है। इसलिए बीजेपी उम्मीदवार समालखा से बतौर चेयरमैन प्रत्याशी चुनाव नहीं लड़ सकते। ये म्युनिसिपैलिटी एक्ट का उल्लंघन है। आम आदमी पार्टी ने उनके खिलाफ चुनाव आयोग में आपत्ति दर्ज करवा दी है। अगर अगर राज्य चुनाव आयुक्त कार्रवाई नहीं करेंगे तो राष्ट्रीय चुनाव आयुक्त को शिकायत की जाएगी।

वहीं आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता अनुराग ढांडा ने कहा कि समालखा से चेयरमैन पद के प्रत्याशी के खिलाफ समालखा के ही कोर्ट में केस चल रहा है। खट्टर सरकार और प्रशासन की मिलीभगत से ही ऐसे व्यक्ति को उम्मीदवार बनाया गया है। वे जनता से अपील करते हैं कि जिस उम्मीदवार को कानूनन चुनाव लड़ने का अधिकार ही नहीं है, ऐसे प्रत्याशी को वोट देना वोट खराब करना है। उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी उम्मीदवार चुनाव जीतते हैं तो वे 5 साल के लिए अयोग्य घोषित हो जायेंगे। ऐसे उम्मीदवार को वोट देना, वोट खराब करना है।

उन्होंने कहा कि जनता के सामने सच्चाई न बता कर खट्टर सरकार जनता को ठगने का काम कर रही है। आपराधिक छवि के व्यक्ति को टिकट देकर यह साबित कर दिया है कि बीजेपी अपराधियों को संरक्षण देने का काम करती है। वहीं पार्टी की और से भी अपने उम्मीदवार के अपराधिक मामलों की जानकारी जनता को दी जाती है। उम्मीदवार ने तो जानकारी सार्वजनिक की ही नहीं, वहीं बीजेपी पार्टी ने भी जनता को धोखे में रखने का काम किया है।

वही आम आदमी पार्टी की राज्य स्तरीय लीगल सेल के सेंट्रल ऑब्जर्वर मोक्ष पसरिजा ने कहा कि ये‌ जानबूझकर किया जाने वाला‌ कृत्य है। स्थानीय अदालत ने मामला विचाराधीन होने के बावजूद भी उम्मीदवार ने जनता से अपने अपराधिक केस छुपाने का काम किया है। इसकी शिकायत है राज्य चुनाव आयोग में और राष्ट्रीय चुनाव आयोग में की जा चुकी है। एक-दो दिन में चुनाव आयोग कार्रवाई कर सकता है। अगर फिर भी कोई कार्रवाई नहीं होती तो हाई कोर्ट जाकर इनका चुनाव रद्द करवाया जाएगा। इस मौके पर आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष सुखवीर मलिक, जिला संगठन मंत्री राकेश चुग, जिला लीगल सेल के अध्यक्ष जगदीप घनघस और अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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