बड़ी बहन ने अपने छोटे भाई को नई जिंदगी का तोहफा देकर एक अनूठी मिसाल पेश की।

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बहन के साहसिक हौसलों के आगे नतमस्तक हुई वायुसेना के सैनिक की देशसेवा.. बड़ी बहन ने अपने छोटे भाई को नई जिंदगी का तोहफा देकर एक अनूठी मिसाल पेश की। छोटे भाई की हो गई थी किडनियां खराब ऐसे में बड़ी बहिन ने किडनी देकर बचाई भाई की जिंदगी

इस समय दोनों भाई – बहन है अस्पताल में भर्तीभाई – बहिन के अटूट प्यार व रिश्तों को दिखाती एक रिपोर्ट

रिश्ते भी अजीब होते हैं इस समाज के कोई रिश्तों में डूब जाता है,तो कोई रिश्तों से परे हो जाता है लेकिन उसकी अहमियत हमेशा महसूस करता है। कोई दोस्त हैं,तो कोई भाई हैं,कोई मां है,तो कोई पिता,तो कोई भाई – बहन। हर रिश्ता बड़े ही नाजों से पलता है
दरकिनार कर जाते हैं हम कई बार इन सब रिश्तों को,लेकिन अंत मे वहीं आकर मिल जाते हैं। हो जाती रिश्तों में अनबन कभी तो,दोनों ही मुरझा सा जाते हैं…
लाख गालियां देते हैं मगर मिठास बरकरार रहती है। अजीब है समाज के रिश्ते भी..इन्ही रिश्तों में सबसे पवित्र रिश्ता भाई बहन का जो सात समन्दर पार भी अपना वजूद नहीं भूल पाता। यहीं है बस एक बंधन जिसकी डोरी दोनों तरफ बंध जाती है। भारत देश मे भाई बहन के प्रेम के कई किस्से सुने होंगे वैसे भी रक्षा बंधन पर राखी बंधवाते हुए एक भाई अपनी बहन को उसकी रक्षा का वादा करता है लेकिन आज एक बड़ी बहन ने अपने छोटे भाई को नई जिंदगी का तोहफा देकर एक अनूठी मिसाल पेश की। सीकर जिले के गांव नाथूसर में रहने वाले राजपूत परिवार पर अचानक ही मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। इस परिवार के विश्वदीप सिंह की किडनियां खराब हो गई। उनका कई बार डायलिसिस भी हुआ पर कोई फायदा नहीं हुआ। ऐसे में बड़ी बहन सुनीता ने सामने आकर अपने छोटे भाई को किडनी देकर उसका जीवन बचा लिया। इस समय दोनों भाई-बहन अस्पताल में भर्ती है।

नाथूसर की बेटी सुनीता ने भाई को अपनी किडनी देकर उसे नया जीवन दिया। इससे समाज को एक प्रेरणा मिली है। सुनीता कंवर का ससुराल नागौर जिले के ग्राम मामडोदा में है जो डीडवाना तहसील में आता है। सुनीता कंवर 46 वर्ष की है और उनके दो बच्चे भी है। सुनीता के पति का नाम नरपत सिंह जोधा है। सुनीता ने अपनी जान की परवाह किये बिना अपने भाई को नया जीवनदान दिया।

वायुसेना से सेवानिवृत्त हुए है भाई विश्वदीप सिंह -: नाथूसर के महाल सिंह पायलट के पुत्र विश्वदीप सिंह दो वर्ष पूर्व ही भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त हुए है। विश्वदीप जहां देशभक्त हीरो रहे वही उनकी बहन सुनीता ने भी एक नई मिसाल पेश की है।

एक प्रेरणा -: आज जहां सम्पत्ति को लेकर घर-परिवार और भाई-बहन के बीच वैमनस्यता आ जाती है,ऐसे में बहन ने भाई को अपनी किडनी देकर समाज को एक नई दिशा दी है।

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