विपक्ष एसपी को हटाने पर अड़ा हंगामा

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mukesh_agnihotri

हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र के दूसरे दिन भी सदन में ऊना के विधायक सतपाल सिंह रायजादा को माफिया से जोड़ने का मामला गूंजा। प्रश्नकाल शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री का विपक्ष के विधायकों को माफिया कहने पर नेता प्रतिपक्ष ने सदन में नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मामले पर उचित जांच बैठाई जाए।लेकिन इससे पहले एसपी को हटाया जाए। उसके बाद ही निष्पक्ष जांच हो पाएगी। वहीं सीएम विधायक को माफिया कहने पर माफी मांगे।सीएम ने कहा कि मैंने विधायक दल को कभी माफिया नहीं कहा। मैंने कहा था कि विधायक दल माफिया को सरंक्षण दे रहा है। विपक्ष ने अपना पक्ष रखा जिसे सुनने के बाद हमने निर्णय लिया कि जांच को निष्कर्ष तक पहुंचे बिना न हम एक पक्ष ले सकते न दूसरा। सीएम ने स्पष्ट किया कि न तो विधायक रायजादा के खिलाफ मामला दर्ज है और न ही उनके खिलाफ कोई राजनीतिक षड्यंत्र रचा जा रहा। उन्होंने कहा कि जिसके पास शराब की गाड़ियां पकड़ी गई उसके खिलाफ तो कार्रवाई होगी।सीएम ने प्रस्ताव रखा कि इस जांच को शिफ्ट करते है, एसपी मामले की जांच नहीं करेंगे। आईजी के नेतृत्व सीआईडी मामले की जांच करेगी। स्वतंत्र निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी।जिसकी रिपोर्ट 15 दिनों में सौंपी जाएगी। यदि एसपी दोषी पाए जाते है तो तबादला ही नहीं बल्कि विभागीय कार्रवाई भी होगी। इस मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हर तरह के माफिया के खिलाफ जो भी कार्रवाई करनी है करें। मगर एसपी को वहां से हटाए बिना निष्पक्ष जांच नहीं होगी। मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि 21 दिसंबर 1997 को जब वीरभद्र जी मेरे विधानसभा क्षेत्र में आये थे तो मंच पर उनके सामने प्रार्थना की थी कि यह मेरा विस् क्षेत्र है और कुछ बातें सीएम के सामने रखना चाहता हूँ। मगर तत्कालीन सीएम ने तुरंत एसपी की मुझे अरेस्ट करने के आदेश दे दिए।इस पर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया और विस अध्यक्ष ने सदन को शांत करवा। इसके बाद विपक्ष द्वारा एसपी के निलंबन व तबादले की कंडीशन पर सीएम ने कहा कि शराब तो पकड़ी गई है। यदि एसपी को हटाया जाता है तो माफिया में अच्छा सन्देश नहीं जाएगा। अभी तक जांच निष्कर्ष पर नहीं आई है, अभी शुरुआत हुई है।

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