अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक किए दावे

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ईरान और इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले के बाद राष्ट्र के नाम संबोधन में भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक दावे किए। यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने गलतबयानी की है। 2013 में परमाणु समझौते के बाद से ईरान का शत्रुतापूर्ण व्यवहार बढ़ा। ईरान को 150 अरब डॉलर व 1.8 अरब डॉलर नकद मिले। परमाणु समझौते के बदले अमेरिका ने पैसे नहीं दिए। करीब 100 अरब डॉलर दिए, लेकिन यह ईरान की पहले से अवरुद्ध संपत्तियों के एवज में थी। करीब 1.7 अरब डॉलर नकदी भी पुराने विवादों से जुड़ी थी। 2018 में परमाणु समझौते से बाहर होने तक ट्रंप प्रशासन कई बार दावा कर चुका था कि ईरान शर्तों का पालन कर रहा है। एमआईटी के सिक्योरिटी स्टडीज प्रोग्राम से जुड़े जिम वाल्श कहते हैं कि समझौता ईरान के शत्रुतापूर्वक रवैये के कारण नहीं, असल में ट्रंप का फैसला ज्यादा जिम्मेदार है। अमेरिका ओबामा के समय 2013 में ही तेल और प्राकृतिक गैस का सबसे बड़ा उत्पादक बन चुका था। जनवरी 2019 में सरकार ने कहा था कि तेल उत्पादन आयात से ज्यादा होगा। पर, 2018 में अमेरिका ने रोज 15 लाख बैरल तेल आयात किया।

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